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एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या, संपत्ति विवाद में हत्या होने की आशंका

पागलिया डामोर का परिवार रामदेवजी मंदिर की पूजा-अर्चना तथा सात बीघा खेती कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था.

झाबुआ। जिले के झकनावदा के पास बोरिया गांव में घर में सो रहे दंपति और उनकी 12 साल की पोती की नृशंस हत्या कर दी गई। सुबह कुछ दूर रहने वाले बेटे के घर से पोता यहां पहुंचा तो उसने तीनों के शव देखकर परिवार वालों को सूचित किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा है। पुलिस संपत्ति के विवाद को लेकर जांच कर रही है।

ग्राम बोरिया स्थित रामदेवजी मंदिर के पास एक झोपड़ी में निवासरत पागलिया डामोर (50), फुंदीबाई डामोर (42), कन्या डामोर (12) की अज्ञात लोगों ने 24 व 25 जून की मध्य रात्रि में घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पागलिया पहाड़ी स्थित रामदेवजी मंदिर की पूजा-अर्चना तथा सात बीघा खेती कर अपना व परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। कन्या के पिता दिलीप की मृत्यु होने के बाद वह अपने दादा-दादी के साथ ही रहती थी।

कोई भी सुराग नहीं मिला

25 जून को सुबह ग्राम झकनावदा से 1 किलोमीटर दूर ग्राम बोरिया के रामदेवजी मंदिर स्थित घाटी पर एक कच्चे मकान से तीन शव एक साथ मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई, जिसकी सूचना मिलते ही झकनावदा चौकी प्रभारी मय स्टाफ के, रायपुरिया थाना प्रभारी तेजमल पंवार, पेटलावद एसडीओपी सोनू डावर, झाबुआ पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. आरएस मुजालदार, फिंगरप्रिंट अधिकारी जीएस रावत झाबुआ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वास्केल, डॉग स्क्वाड टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।

जघन्य तरीके से किया कत्ल

घटना स्थल को देखकर ही पता चलता है कि वारदात को अंजाम देने वालों ने बड़े ही जघन्य तरीके से पत्थर से कुचलकर तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है। पुलिस अभी भी मामले में प्रथम दृष्टया पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर जांच में जुटी है। हत्यारों ने घटनास्थल पर कोई सबूत नहीं छोड़ा। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए पेटलावद भेजा गया, जहां डॉक्टर एमएल चोपड़ा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने शवों का पोस्टमार्टम कर परिजन के सुपुर्द किए।