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पेंशन धारकों ने अपनी लम्बित मांगों को लेकर नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

बडवाह। कोरोना के कारण बिगड़ी अर्थव्यवस्था से देश व प्रदेश का हर वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। व्यापारी, किसान, कर्मचारी सभी महंगाई से त्रस्त होकर हलाकान है। इसी के चलते मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख पेंसनरो के परिवार भी विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में कठिनाई से जीवन यापन करने को मजबूर है। जिसका मूल कारण सरकार द्वारा उनकी लम्बित आर्थिक मांगों का निराकरण नही किया जाना है।

इसी के चलते बुधवार को नगर के उम्रदराज पेंशन धारकों ने अपनी लम्बित मांगो को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम से एक ज्ञापन नायब तहसीलदार टी विसके को सौंपा। ज्ञापन में पेंशनरों ने बताया है कि धारकों को व्रदावस्था व रुग्णता के कारण दवाइयों, परीक्षण, व आपरेशन चिकित्सा हेतु धन की आवश्यकता होती है। किन्तु पेंशन धारकों द्वारा अनेक बार ज्ञापन,धरना, रैली करने के बावजूद शासन पेंशन धारकों की न्यायोचित मांगों के प्रति उदासीन व संवेदनहीन बना हुआ है। जिसके कारण प्रदेश भर के पेंशनरों में असंतोष व्याप्त है। अपने ज्ञापन में उन्होंने बताया है कि मार्च 2020 से इस वर्ष तक कोरोना महामारी के कारण हजारो पेंशन धारकों की मृत्यु हो चुकी है।एवम अनेक पेंशनर अभी भी महामारी से आर्थिक अभाव में संघर्ष कर रहे है। ऐसी विकट परिस्थितियों में मध्यप्रदेश शासन को पेंशन धारकों को आर्थिक स्वत्वों, देय महंगाई, राहत व एरियर्स भुगतान करने के शीघ्र आदेश देना चाहिए। ज्ञापन देने के दौरान पेंशनर एसोसिएशन के सम्भागीय संघटन मंत्री ए.जे. खान, अध्यक्ष बालकृष्ण राशिनकर, महेंद्र सिंह सागर,हाजी हुसेन खान, बलवान सिंह पटेल,गोविंद राम डाले,यशवन्त कर्मा,रामसेवक सर्ड्ढे,खालिक मोहमद शेख,रियाज मोहम्मद शेख,मूलचंद पंवार आदि मौजूद थे।

ये थी शासन से मांग –

एक जुलाई 2019 से लंबित महंगाई राहत दी जाए, कर्मचारियों की तरह पेंशन धारकों को भी म्रत्यु उपरांत 50000 रुपये उपादान दिया जाए, छठे एवम सातवे वेतनमान का 27 व 32 माह एरियर दिया जाए, नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, 80 वर्ष की उम्र में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी को 70 वर्ष की उम्र का निर्धारण किया जाए,प्रतिमाह 1000 रुपये चिकित्सा भत्ता का भुगतान किया जाए, वन रैंक वन पेंशन का नियम लागू किया जाए,प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में पेंशन धारकों को भी शामिल किया जावे।