फर्जी एडवाइजरी फर्म का संचालक खुद धोखे का शिकार, फर्जी पत्रकारों ने किया ब्लैकमेल

इंदौर। शहर में धोखाधड़ी के मामले रूकने का नाम नही ले रहे है। बतादें कि निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली फर्जी एडवाइजरी फर्म का संचालक खुद धोखे का शिकार हो गया और फर्जी पत्रकार छापा मारकर दो लाख ले गए।

विजय नगर थाना पुलिस ने संचालक कुलदीप चंदेल के भाई चंदन की शिकायत पर छापा मारने वाले नवीन तिवारी, प्रफुल्ल और अन्य के विरुद्ध अड़ीबाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। विजय नगर थाना पुलिस के मुताबिक बड़ी भमौरी निवासी चंदन चंदेल द्वारा लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। उसने बताया कि भाई की एडवाइजरी फर्म पर आरोपित नवीन तिवारी, प्रफुल्ल साथियों के साथ आया और धमकाया। बदनाम और पुलिस कार्रवाई करने की धमकी देकर आरोपितों ने दो लाख रुपये ले लिए। पुलिस ने घटना की तस्दीक के लिए नवीन की तलाश की लेकिन वह फरार हो गया। मामले में और लोगों के नाम भी सामने आ सकते है।

विजय नगर थाना पुलिस के मुताबिक बड़ी भमौरी निवासी चंदन चंदेल द्वारा लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। उसने बताया कि भाई की एडवाइजरी फर्म पर आरोपित नवीन तिवारी, प्रफुल्ल साथियों के साथ आया और धमकाया। बदनाम और पुलिस कार्रवाई करने की धमकी देकर आरोपितों ने दो लाख रुपये ले लिए। पुलिस ने घटना की तस्दीक के लिए नवीन की तलाश की लेकिन वह फरार हो गया। मामले में और लोगों के नाम भी सामने आ सकते है।

पुलिसकर्मियों को छापे में साथ भेज दिया

दरअसल, पिछले सप्ताह सुशीला नामक महिला की शिकायत पर पुलिस ने कुलदीप और ऋतु पांडे नामक युवती को गिरफ्तार कर लिया। तब इस बात का खुलासा हुआ कि कुलदीप पांच दिन पूर्व ही ब्लैकमेलिंग का शिकायत हुआ है। नवीन तिवारी के साथ विजय नगर थाने के सिपाही अंकित परमार, विकास खेमरिया भी थे। ब्लैकमेलिंग का षड्यंत्र प्रधान आरक्षक अंचल तिवारी ने रचा था। तिवारी ने बगैर आवक-जावक किए नवीन से एक आवेदन लिया और दोनों पुलिसकर्मियों को छापे में साथ भेज दिया। कुलदीप की गिरफ्तारी पर खुलासा हुआ और टीआइ तहजीब काजी ने गोपनीय रिपोर्ट बना कर एसपी (पूर्वी) आशुतोष बागरी को भेज दी।