//

रिटायरमेंट की तैयारी कर रहा था हेड कांस्टेबल, ऐसे बढ़ गई सात साल की नौकरी

उज्जैन

उज्जैन. प्रदेश के उज्जैन में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक के सेवानिवृत्त होने पर उनके साथी विदाई समारोह की तैयारी कर रहे थे, लेकिन एक रात पहले ही भोपाल में प्रधान आरक्षक को गृह विभाग की और से पत्र दिया गया, जिसमें उनकी जन्मतिथि संशोधित की गई थी। इस संशोधन के साथ ही प्रधान आरक्षक एक ही रात में अगले सात साल की नौकरी के लिए पात्र हो गए हैं।

यह दिलचस्प वाक्या उज्जैन के यातायात थाने में बतौर प्रधान आरक्षक पदस्थ दयाराम गोंदिया का है। उनके सेवानिवृत्त होने की तारीख 30 जून 2021 थी। गृह विभाग की और से उन्हें 29 जून की रात करीब 11 बजे पत्र देकर बताया गया कि उनकी आयु सर्विस बुक में दर्ज आयु से करीब आठ साल कम है। दयाराम की सर्विस बुक में जन्मतिथि 15 जून 1959 दर्ज थी, जबकि अंकसूची के हिसाब से उनका जन्म 15 जून 1967 को हुआ था।

इस विसंगति की और ध्यान दिलाते हुए दयाराम 2018 से विभागीय स्तर पर सुधार के प्रयास कर रहे थे। इस बीच 30 जून को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तय हो गई। अंतिम प्रयास के तौर पर वे भोपाल पहुंचे और गृह विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई। वे गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा से मिले। शाम करीब छह बजे हुई इस मुलाकात में दयाराम ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके बाद दयाराम लौट रहे थे तो राजौरा ने उन्हें रोका और मामले की जानकारी ली।

पुलिस मुख्यालय की और से कुछ दिन पहले अंकसूचियों के सत्यापन के आधार पर दयाराम की जन्मतिथि 15 जून 1967 मान ली गई थी। इस आशय की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद आनन-फानन में 29 जून की रात करीब 11 बजे गृह विभाग की और से उनकी जन्मतिथि में सुधार का आदेश जारी किया गया और सेवानिवृत्ति से ठीक पहले उनकी नौकरी सात साल और बढ़ गई। अविश्वसनीय राहत मिलने से दयाराम खुश हैं। थाने के साथी भी उन्हें बधाई दे रहे हैं। परिवार नई नौकरी मिलने की तर्ज पर परिवार खुशियां मना रहा है।