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इंदौर में अब अवैध कॉलोनी काटने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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इंदौर। अवैध कॉलोनियों के कारोबार में संलग्न व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आयुर्वेदिक औषधि मुनक्का के नाम पर भांग तथा अन्य मादक पदार्थ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। सोमवार को कलेक्टर मनीष सिंह की अध्यक्षता में समय सीमा के पत्रों के निराकरण टी.एल. की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि जिले में विभिन्न तरह के माफियाओं के विरुद्ध चल रही कार्रवाई को गति दी जाए। अवैध कॉलोनियों के कारोबार में संलग्न व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ऐसे व्यक्तियों और संस्थानों तथा उत्पादकों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए, जो आयुर्वेदिक औषधि मुनक्का के नाम पर भांग आदि मादक पदार्थों का विक्रय और उत्पादन कर रहे हैं। बैठक में बताया गया कि जिले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास प्रारंभ दिए गए हैं। जिले में इसके लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मंजूर बेग और जफर खान की जांच रिपोर्ट मांगी

बैठक में सीएम हेल्प लाइन के प्रकरणों के निराकरण की भी विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अवैध कालोनियों की कारोबार आदि में प्रभाव, दखल रखने तथा हस्तक्षेप करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे मंजूर बेग एवं जफर खान नामक व्यक्तियों के अवैध कॉलोनियों संबंधी प्रभाव, हस्तक्षेप और दखल की जांच करें। जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि प्रभाव, दखल तथा हस्तक्षेप पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि इनके विरूद्ध विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

मुनक्का बनाने वाली संस्थानों की जांच

बैठक में उन्होंने आबकारी तथा आयुष विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुहिम चलाकर मुनक्का बनाने वाली संस्थानों की जांच करें। जांच के दौरान गड़बड़ी जाये जाने पर सख्त कार्रवाई करें। मुनक्का के नाम पर भांग तथा अन्य मादक पदार्थ उत्पादन तथा विक्रय करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देश किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बार तथा मदिरा की दुकानों का संचालन निर्धारित समय में ही करवाएं। निर्धारित समय के पश्चात बार तथा मदिरा की दुकानें संचालित पाए जाने पर संबंधित संस्थानों और उस क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करें।