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तस्कर अनिल धनोतिया की 10 करोड़ की संपत्ति सीज

तस्कर अनिल धनोतिया की 10 करोड़ की संपत्ति सीज

पुलिस ने माफियाओं पर कसा शिकंजा,’सफेमा’ एनडीपीएस एक्ट के तहत तस्कर अनिल धनोतिया की 10 करोड़ की संपत्ति सीज

मन्दसौर(प्रिन्स गुर्जर):- मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त आरोपी अनिल पिता कैलाशचंद धनोतिया जाती पोरवाल निवासी ग्राम लिम्बावास थाना नारायणगढ जिला नीमच की 09 करोड़ 45 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति सफेमा न्यायालय मुम्बई द्वारा फ्रीजिंग के आदेश हुए है।

एसपी अनुराग सुजानिया की मॉनिटरिंग में नारायणगढ टीआई अनिल रघुवंशी एवं टीम ने बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। घटनाक्रम के अनुसार पूर्व थाना प्रभारी नारायणगढ़ निरी. तेजेन्द्र सिंह सेंगर एवं पुलिस टीम द्वारा दिनांक 28.05.23 को मुखबिर सुचना पर कार्यवाही करते हुवे आरोपी अनिल पिता कैलाशचन्जद्र धनोतिया जाति पोरवाल निवासी ग्राम लिम्बावास के कब्जे से 3 किलो 400 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफिम जप्त की जाकर थाना नारायणगढ़ पर अपराध क्रमांक 208/2023 धारा 8/18,29 NDPS Act के तहत पंजीबद्ध किया गया था।

विवेचना आरोपी अनिल धनोतिया की चल अचल संपत्ति की जानकारी संकलित की जाकर सफेमा एक्ट के तहत संपत्ति फ्रीज कराने हेतु प्रकरण तैयार कर सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPS कार्यालय मुंबई (महाराष्ट्र) के समक्ष पेश किया गया। जिस पर कार्यवाही करते हुये सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPS कार्यालय मुंबई (महाराष्ट्र) द्वारा आरोपी अनिल धनोतिया निवासी ग्राम लिम्बावास द्वारा अवैध रुप से लाभ कमाकर नीमच मन्दसौर हाईवे पर स्थित श्री नाकोडा होटल, पिपलिया मण्डी स्थित दो पक्के मकान, ग्राम लिम्बावास मे दो पक्के मकान, आदि
कुल 09 करोड़ 45 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया।

सराहनीय कार्यः- उक्त कार्यवाही में निरीक्षक अनिल रघुवंशी थाना प्रभारी नारायणगढ़, पुर्व थाना प्रभारी नारायणगढ़ निरीक्षक तेजेन्द्र सिंह सेगर, उनि भारत भाबर, उनि संजय प्रताप सिंह, प्रआर अनुप सिंह, प्रआर पुष्पेन्द्र सिंह, आर शिवलाल पाटीदार, आर उदल सिंह, आर धर्मेन्द्र सिंह का सराहनीय योगदान रहा, जिन्हें श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पृथक से पुरस्कृत किया जावेगा।

यह है सफेमा एनडीपीएस एक्ट
तस्करी के मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ सफेमा (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनुपुलेटर्स एक्ट-1976) के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें फरार आरोपियों की संपत्ति की जांच कर स्थानीय अधिकारी मुंबई स्थित सफेमा कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत करते हैं। इसमें 10 साल के अंदर आरोपी द्वारा खुद के या फिर उसके दोस्त या फिर रिश्तेदारों के नाम से एकत्र संपत्ति की जांच की जाती है। अधिक संपत्ति होने पर कोर्ट संबंधित को नोटिस जारी करती है। संबंधित को कोर्ट में उपस्थित होकर संपत्ति की जानकारी देना होती है। यदि वह ऐसा नहीं करता तो उसकी संपत्ति जब्तकर विक्रय की जाती है। इससे पहले कोर्ट ने इकबाल मिर्ची का मकान 8 करोड़ रुपए में नीलाम किया था तथा दाऊद इब्राहिम पर भी यह कार्रवाई चल रही है

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