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Madhya Pradesh CM- उज्जैन में जल्द बनेगा मेडिकल कॉलेज , जनप्रतिनिधियों ने माना आभार

उज्जैन !मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को उज्जैन प्रवास पर रहे ,इस दौरान चौहान ने कोरोना संक्रमण के कारण बिगड़े हालात से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारीयों की बैठक भी ली ! जिसमें उज्जैन कोरोना प्रभारी मंत्री डॉ मोहन यादव , अनिल फिरोजिया पारस जैन विभाष उपाध्याय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे !

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में उज्जैन शहर में जल्द ही मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ करने की सौगात दी, साथ ही ऐसे निराश्रित बच्चे जिनके घर में कोई कमाने वाला सदस्य नहीं रहा प्रदेश सरकार उन्हें 5000 रूपये प्रतिमाह सहायता राशि के साथ साथ निशुल्क शिक्षा एवं राशन भी उपलब्ध करवाएगी !

उज्जैन को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नयी पहचान मिलेगी

उल्लेखनीय है कि संभागीय मुख्यालय के चलते लगातार उज्जैन में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग की जा रही थी जिसके अम्लीय जामा पहनाते हुए बुधवार को आयोजित बैठक के दौरान इसकी घोषणा की ! कोरोना प्रभारी मंत्री डॉ मोहन यादव एवं सांसद अनिल फिरोजिया ने इसे उज्जैन के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि एक बड़ा संभागीय मुख्यालय होने के बाद भी उज्जैन इतनी बड़ी सुविधा से वंचित था।आसपास जिलों के भी कई मरीज उपचार हेतु उज्जैन आते हैं। ऐसे में शासकीय मेडिकल कॉलेज की ये सौगात उज्जैन को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नयी पहचान दिलवाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी !

मुख्यमंत्री का आश्वासन निराश्रित बच्चों को निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी करेगी !

शिवराज सिंह चौहान ने कहा की प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे बच्चों को जिनके माता पिता कोरोना की लड़ाई में अपनी जिंदगी की जंग हार गए है 5000 प्रति माह की सहायता उपलब्ध करवाएगी परन्तु अब ऐसे निराश्रित बच्चों को भी ये ! चौहान ने इस दौरान कहा की कोई भी बच्चा अपने आप को अकेला ना समझे प्रदेश की भाजपा सरकार ऐसे सभी निराश्रित बच्चों को ना सिर्फ सहायता राशि देगी अपितु उनके राशन और निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी सरकार करेगी !

जनप्रतिनिधियों ने मेडिकल कॉलेज के लिए प्रदेश सरकार का आभार माना

उज्जैन के जनप्रतिनिधि द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उज्जैन शहर को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने के पश्चात् गंभीर बिमारियों के इलाज भी उज्जैन में संभव हो सकेंगे जिनके लिए व्यक्ति को इंदौर जाना पड़ता था !