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स्कूल खुलने को लेकर सरकार का अहम फैसला, बच्चों की सुरक्षा को दी तवज्जो

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भोपाल। मध्यप्रदेश में फिलहाल 1 जुलाई से स्कूल नहीं खुलेंगे। कोरोना के हालात को देखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर यह फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश में 1 जुलाई से स्कूल नहीं खुलेंगे। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। पहले की तरह ऑनलाइन और टीवी के जरिये पढ़ाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने भोपाल में सोमवार को हुई मंत्री समूह की बैठक में कहा बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए स्कूल बंद रखना जरूरी है। इसलिए अभी स्कूल नहीं खोले जाएंगे। आगे स्कूल कब खुलें इस बारे में मुख्यमंत्री अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों, स्कूल शिक्षा से संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा करेंगे। सबसे सलाह करने के बाद ही प्रदेश में स्कूल खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

100 प्रतिशत टीकाकरण जरूरी

मुख्यमंत्री ने मंत्री समूह की बैठक में कहा कि शिक्षण संस्थानों को शुरू करने के लिए 100 प्रतिशत टीकाकरण और कोविड गाइड लाइन का पालन जरूरी है। स्कूलों में फिलहाल बीते साल की तरह ही ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। ऑनलाइन और टीवी के माध्यम से ही स्टूडेंट्स की पढ़ाई कराई जाएगी। वाट्सएप के माध्यम से पाठ्य पुस्तक के आधार पर वर्कशीट छात्र छात्राओं को उपलब्ध कराई जाएगी।

डेढ़ साल से बंद हैं स्कूल

मध्यप्रदेश में डेढ़ साल से स्कूल बंद हैं। कक्षा पहली से लेकर कक्षा बारहवीं के छात्र छात्राओं की डेढ़ साल से ऑनलाइन पढ़ाई जारी है। इसके चलते मध्यप्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर मुख्यमंत्री के सामने मंत्री समूह ने प्रजेंटेशन दिया। मंत्री समूह में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, मंत्री गोपाल भार्गव, विश्वास सारंग, मीना सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, राम किशोर कांवरे शामिल थे।

एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट का फॉर्मूला तय

एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2021 का फार्मूला भी तय कर लिया गया है। कक्षा 10वीं के आधार पर 12वीं रिजल्ट का फार्मूला तैयार किया गया है। अब रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 10वीं के बेस्ट आॅफ फाइव सब्जेक्ट के आधार पर 12वीं का रिजल्ट तैयार किया जाएगा। बेस्ट परफॉर्मेंस वाले पांच विषयों के नंबरों को 12वीं के रिजल्ट में जोड़ा जाएगा।

12वीं रिजल्ट का फार्मूला तैयार करने के लिए विशेषज्ञ और मंत्री समूह की टीम गठित की गई थी। विशेषज्ञों ने कक्षा दसवीं के फाइनल रिजल्ट के आधार पर ही 12वीं के रिजल्ट का फार्मला तैयार करने का सुझाव दिया था, तो वहीं कक्षा दसवीं की सालाना परीक्षा और 12वीं की तिमाही परीक्षा के नंबरों के आधार पर रिजल्ट तैयार करने को लेकर सुझाव मंत्री समूह को दिए थे। कक्षा 12वीं के रिजल्ट फार्मूले को तैयार करने के लिए 12 से अधिक बार बैठकें हुई, जिसे बाद रिजल्ट तैयार करने को लेकर फार्मूला तय किया गया है।