जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद ने भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे से देश को बचाने की बात कही।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने उज्जैन में उगला जहर, हिंदू संगठनों पर कही आपत्तिजनक बात

उज्जैन। उग्र इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जिसके ऊपर कई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं और जिसको एक प्रदेश में प्रतिबंधित भी किया गया है, उसने उज्जैन में अपना स्थापना दिवस मनाया।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का स्थापना दिवस

अपने भड़कीले भाषणों और संदिग्ध गतिविधों की वजह से पहचाने जाने वाले संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने उज्जैन में अपना स्थापना दिवस मनाते हुए हिंदू संगठनों को खुलकर चेतावनी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कफील रजा ने की और कहा कि RSS जैसे 10 संगठन भी आ जाएं तो मुकाबले को वो तैयार हैं। इस मौके पर उन्होंने मोदी और सूबे की शिवराज सरकार, आरएसएस, बजरंग दल सभी पर निशाना साधा और आपत्तिजनक बयान दिया।

आरएसएस से निपटने की कही बात

सम्मेलन में बोलते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के उज्जैन जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद ने कहा कि आरएसएस और भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे से समाज तथा देश को कैसे बचाया जाए यह हमारी जिम्मेदारी है। संघ परिवार आज देश की गंगा जमनी तेहजीब को खत्म करने पर आमादा है, देश में अराजकता का माहौल है। मुसलमानों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर हर जगह हमले हो रहे हैं। सरकार पूरी तरह से दमनकारी नीति पर काम कर रही है। देश में दबे कुचले मजलूमों की कहीं कोई सुनवाई नहीं है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज को जागृत करें और जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करें। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया देश के सभी तबकों को साथ लेकर कार्य कर रहा है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को बताया सामाजिक संगठन

उन्होंने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया उज्जैन जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद ने बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक सामाजिक संगठन है जो देश के सभी पिछड़े तबकों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करता है। देश में पनप रहे फासीवाद और सांप्रदायिक वैमनस्य को खत्म करना चाहते हैं। सबको सामाजिक इंसाफ और बराबरी के अधिकार मिलें यही पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का उद्देश्य है। देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम रहे और प्रजातंत्र जीवित रहे इसके लिए हम समाज को जागृत करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑल इंडिया इमाम कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मुफ्ती हनीफ अहरार सुपौलवी थे।

सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के लगे हैं आरोप

गौरतलब है पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की गतिविधियों को लेकर देशभर में कई बार सवाल उठाए गए हैं। सांप्रदायिक उन्माद फैलाने और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में इस संगठन पर हिंसा भड़काने के आरोप कई बार लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के लिए यह संगठन बाकयदा महीनों तक अपने सदस्यों को ट्रेनिंग देता है। दिल्ली दंगों में इसका हाथ होने के पुख्ता सबूत खुफिया एजेंसियों को लगे थे। इस संगठन का दावा है कि उसके देशभर में लाखों सदस्य हैं।