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MP में 6 और छत्तीसगढ़ में 150 से ज्यादा लोगों को ठगने वाले गैंग के आरोपियों को पुलिस ने धरदबोचा

भोपाल। मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोशन और ट्रांसफर कराने के नाम पर ठगी की जा रही थी। बदमाशों ने मप्र में अब तक 6 से ज्यादा और छत्तीसगढ़ में 150 से अधिक लोगों से ठग कर चुके हैं। हबीबगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 3 लाख रुपए नकद जब्त भी किए गए हैं। आरोपी खुद को महिला एवं बाल विकास का संयुक्त संचालक बताते थे।

छत्तीसगढ़ में आरोपी अब तक करीब एक करोड़ रुपए ठग चुके हैं।

हबीबगंज पुलिस से विशेष सहायक मंत्री व पूर्व संयुक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास महेंद्र सिंह द्विवेदी से एक शिकायत की थी। उन्होंने बताया, संयुक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास मध्यप्रदेश के नाम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा अनूपपुर के कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रुपए लिए गए। जांच में सामने आया, मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इसी तरह ठगा गया है।

रीवा का आरोपी कॉल करता था

पुलिस ने मामले में रीवा के बघेड़ी चाकघाट से महेंद्र कुमार तिवारी (31) को पकड़ा। वही सभी को कॉल करता था। पूछताछ में तिवारी ने बताया कि उसे अंकित मिश्रा ने सिम दी थी। उसका काम सिर्फ लोगों को कॉल करना और उसके खाते में आए रुपयों को अंकित के खाते में डालना होता था। इसके बाद पुलिस ने अंकित को इलाहाबाद उत्तर प्रदेश से पकड़ लिया। अंकित ने बताया कि उसने मध्यप्रदेश में काम की शुरुआत हाल में ही की थी, जबकि छत्तीसगढ़ में तो वह अब तक करीब एक करोड़ रुपए कमा चुका है।

वारदात का ऐसा रचते थे खेल

आरोपी तिवारी ने बताया, वह खुद को संयुक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग का महेंद्र द्विवेदी बताकर कॉल करता था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से उनके मोबाइल पर संपर्क कर व उनको सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति के नाम पर तैयार किए गए फार्म भेजता था। पदोन्नति व ट्रांसफर कराने के नाम पर धोखाधड़ी से अपने खाते में पैसे न डलवाकर अन्य दूसरे किसी व्यक्ति के खाते में पैसे डलवाकर व अन्य लोगों की आईडी कार्ड पर सिम उठाकर अपराध में उन नंबरों का उपयोग करते थे। वह 15-20 दिन मे अपनी सिम और मोबाइल फोन और अपनी लोकेशन बदलता रहता था। वह पहले बालौदा बाजार छत्तीसगढ़ में अशोक पांडे के नाम से महिला एवं बाल विकास कार्यकर्ताओं से करीबन 1 करोड़ रुपए ठग चुका है। छत्तीसगढ़ में उसके खिलाफ अपराध दर्ज हैं।