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जूते-चप्पल पर छापा ‘ओम’,मचा बवाल तो कही ये बात

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नई दिल्ली। अमेरिका की एक कंपनी द्वारा बनाए गए जूते-चप्पलों पर ‘ओम’ का निशान और नाम छपने से भारतीयों की भावनाओं को गहरी ठेस लगी है। कनाडा में तो इस पर बवाल मच गया। भारतीयों के संगठन इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन ने दूसरे कई समुदायों को साथ लेकर विरोध प्रकट किया। फाउंडेशन के दबाव के चलते अमेरिकी कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। कंपनी ने कहा कि वह अमेरिका और कनाडा में ऐसे जितने भी उत्पाद हैं, जिन पर ‘ओम’ नाम व चिन्ह छपा है, उन्हें बाजार से हटा रही है।

कंपनी ने मानी गलती

कंपनी ने कहा कि ऑनलाइन स्टोर के जरिए भी ऐसे आइटम नहीं बिकेंगे। कंपनी ने अपने सभी स्टोर से कहा है कि इस तरह के सभी उत्पादों को बिक्री लाइन से हटा दिया जाए। कनाडा में इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन के पदाधिकारी गोपाल सैनी ने कहा कि परिधान तैयार करने वाली अमेरिकी कंपनी वूनैज (काल्पनिक नाम) के स्टोर कनाडा में भी खुले हुए हैं। साथ ही कंपनी के पास बड़ा ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म भी है। पांच छह दिन पहले कंपनी से चप्पल और जूते खरीदे थे। जैसे ही उन्होंने पैकिंग कवर हटाया तो वे हैरान रह गए।

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

चप्पलों पर भारतीयों की आस्था का प्रतीक ‘ओम’ नाम लिखा हुआ था। इतना ही नहीं, ‘ओम’ का चिन्ह भी छपा था। कनाडा में पंजाब और हरियाणा के लोगों की अच्छी खासी तादाद है। सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को आगे पहुंचाया गया। गोपाल सैनी के मुताबिक, सिख समुदाय, जैन और दूसरे समुदायों के ऐसे लोग जो सर्वधर्म में विश्वास रखते हैं, वे साथ आ गए। सभी का एक स्वर में कहना था कि अमेरिकी कंपनी ने भारतीयों, खासतौर पर हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

सैनी ने बताया कि कंपनी को नोटिस दे दिया गया। शुरू में तो कंपनी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन के बैनर तले मामले को उठाया गया तो कंपनी दबाव में आ गई। अमेरिका में भी अनेक लोगों तक यह खबर पहुंच चुकी थी। इस बाबत विरोध प्रदर्शन भी किया गया।