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जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर नर्सिंग छात्रों का हल्ला बोल

भोपाल। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के छात्रों का दर्द छलकने लगा है। दो साल से परीक्षा होने का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राएं मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के बंगले पर पहुंच गए। छात्रों ने जल्दी परीक्षा कराए जाए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। हालांकि मंत्री के विधानसभा में होने के कारण दोपहर तक बच्चों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी थी। प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स का कहना था कि वे फ्री में पास होना नहीं चाहते। विश्वविद्यालय या तो परीक्षा कराए या फिर इंटरन मार्कस के आधार पर पास करे, ताकि उनकी पढ़ाई सार्थक हो सके।

महामारी के कारण संबद्ध विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा आयोजित नहीं की गई

प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स प्रवीण ने बताया कि पैरामेडिकल कॉलेजों (मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर) में अध्ययरत छात्रत्रों ने वर्ष 2019 में एडमिशन लिया था। कुछ महीने बाद से ही कोविड-19 महामारी के कारण संबद्ध विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा आयोजित नहीं की गई। दो साल बी जाने के बाद भी हम सिर्फ पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में परीक्षा की तिथि घोषित भी गई थी, लेकिन परीक्षा नहीं हुई। 18 मई को यूनिवर्सिटी ने आगामी आदेश तक रद्द करने के निर्देश दिए थे। परीक्षा कैसे होगी ? इस बारे में कोई स्थिति साफ नहीं होने के कारण छात्र परेशान हो रहे हैं।

पहले जनरल प्रमोशन भी दिया गया था

ज्योति यादव का कहना है कि हमारी डिग्री कब पूरी होगी। हमें यह समझ नहीं आ रहे कि क्या करें। दो साल से एक ही क्लास में है। अभी अक्टूबर थर्ड ईयर शुरू हो जाएगा। पहले जनरल प्रमोशन भी दिया गया था। फिर उसे रद्द यह कहते हुए कहा कि गलती हो गई। कितने बार टाइम टेबल जारी हुए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमारे साथ खिलवाड़ हो रहा है। हमारे जैसे 30 हजार से ज्यादा छात्र हैं। कई बार प्रदर्शन के लिए आए। अभी यहां आए तो हमे हटाकर साइड में कर दिया गया। बार-बार कह रहे हैं कि अभी मंत्री से मिलवाएंगे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई।

यह मांगे हैं

कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 2019-20 के फर्स्ट, सेकंड और थर्ड ईयर के छात्रों को आंतरिक मूल्याकंन के हिसाब से मार्कस दिए जाएं।
यदि जनरल प्रमोशन नहीं दे सकते तो परीक्षाएं ऑनलाइन या ओपन बुक के माध्यम से ली जाए।
तीसरा और अहम मुद्दा हमारे सेसन को सही करने के लिए परीक्षाएं हर 6 महीने में करवाई जाएं। तब तक जब तक सेसन सही नहीं हो जाता और 4 साल की डिग्री 4 साल में नहीं मिल जाती तब तक हमारी BSc नरर्सिंग की परीक्षाएं हर 6 महीने में करवाई जाएं।
आगामी कक्षा मे प्रोन्नोत करने पर, ऑनलाइन परीक्षा करवाने के बाद हमारे रिजल्ट तुरंत जारी किये जाएं।
हमारे चार साल के केर्स की डिग्री चार साल मे ही पूरी की जाए।
कोर्स पूर्ण होने के बाद हमे डिग्री तुरंत दी जाए।
20 मई को ज्ञापन दिया था

आज 20 मई को पैरामेडिकल छात्रों ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, और मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के कुलपति को ऑनलाइन ज्ञापन भेजा गया। स्टूडेंट्स का कहना था कि उन्होंने 2019 में एडमिशन लिया था। उसके बाद से न तो अब तक कोई परीक्षा नहीं हुई और न ही ही जनरल प्रमोशन ही मिला। 2019 में फर्स्ट ईयर वाले स्टूडेंट्स 2021 में भी फर्स्ट ईयर में ही हैं

मृदुभाषी के लिए भोपाल से मोहम्मद ताहिर खान की रिपोर्ट