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जब तक मुक्तिधाम नहीं, तब तक कोई मतदान नहीं

Muktidham

कायथा। ग्राम पंचायत कायथा के अन्तर्गत ग्राम रामपुरा कभी आदर्श गाँव कहलाता था, व जन सहयोग के लिए भी जाना जाता है वहीं गाँव की राजनीतिक पकड़ किसी से छुपी नही है, आज वही आदर्श गाँव मुलभूत सुविधाओं से वंचित हो रहा है गाँव में आज भी अंतिम संस्कार के लिए श्मसान तक नही बन पा रहा है, पूर्व में जहाँ अंतिम संस्कार होते थे वो निजी स्वामित्व की भूमि पर था आमतौर पर लोगो का वहाँ तक पहुंचना कठिन होता था, वही बारिश के दिनों में वह स्थान बिल्कुल उपयोगी नही था, बाद में पंचायत द्वारा चिन्हित भूमि पर निर्माण कार्य शुरु तो हुआ पर अभी तक पूर्ण नही हो पाया।

अब तक शुरू नहीं हो सका काम

ग्रामीणों की आपत्ति के बाद प्रशासन द्वारा नए श्मशान भूमि के लिए जगह चिन्हित तो की गई है, लेकिन अभी भी वहां कार्य नहीं शुरू हो सका, ऐसे में सम्पूर्ण ग्रामीणों मे आक्रोश है और जो कोशिश की जा रही है उसमें लोग रोड़े अटकाने का काम कर रहे है ऐसे में शासन और प्रशासन का ढुलमुल रवैया चिन्ता जनक है, गाँव की इस प्रकार की उपेक्षा से गाँव का युवा वर्ग भी आक्रोशित है, इसी क्रम में गाँव के ही प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य के कवि ने इस उपेक्षा से व्यथित होकर सभी निकायों के मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है और नारा भी दिया है।

“जब तक मुक्तिधाम नही ।
तब तक कोई मतदान नही ।।
गाँव के सभी युवाओं की यही मिली जुली राय है।

कवि लक्ष्मण रामपुरी ने बताया की शासन और प्रशासन द्वारा इस विषय में शीघ्र संज्ञान नही लिया गया तो गाँव का युवा आन्दोलन के लिए मजबूर होगा ।