////

रालामंडल में हुई नाइट सफारी की शुरुआत

नाइट सफारी

इंदौर. रालामंडल वन अभ्यारण में नाइट सफारी की शुरुआत हो गई है। इससे अब सैलानियों का रोमांच बढ़ जाएगा और वे नाइट में भी लुत्फ उठा सकेंगे। सैलानियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी बातों का ध्यान रखा गया है।

जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और आईडीए के पूर्व अध्यक्ष मधु वर्मा ने हरी झण्डी दिखाकर नाइट सफारी को रवाना किया। इस दौरान डीएफओ नरेंद्र पंडवा व वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मंत्री सिलावट ने कहा कि नाइट सफारी इंदौर में पर्यटन के लिए एक आकर्षण है।

उन्होंने वन मंत्री कुंवर विजय शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 30 जून को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप उन्होंने नाइट सफारी प्रारंभ करा दी है। रालामंडल मेरे लिए विशेष महत्व रखता है। जब मैं 1984 में वन विभाग के तहत संसदीय सचिव था, तब प्रयास करके इस अभयारण्य को अधिसूचित करवाया था। अब शहर के सीमावर्ती इस अभयारण्य के प्रति और उत्साह बढ़ेगा और वे भरपूर आनंद ले सकेंगे।

वही वन विभाग के डीएफओ नरेंद्र पड़वा ने बताया कि भोपाल में हुई बैठक के बाद से ही वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी थी जिसको साकार रूप अब मिल गया है। उन्होंने सुरक्षा के मापदंडों को लेकर कहा कि रालामंडल में वन विभाग का अमला तैनात रहेगा। रालामंडल अभयारण्य 1989 में बना था जो करीब 5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां 60 से ज्यादा हिरण-चीतल और बारहसिंगा, नीलगाय आदि हैं। ऐसे ही 300 से ज्यादा प्रजाति के पेड़-पौधे हैं जिनमें औषधीय भी हैं।

पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां दूसरी जगहों से वन्य जीव भी लाए जाएंगे। यहां सबसे ऊपर शिकारगाह है जिसे देवगुराडिया पहाड़ से जोड़ने के लिए केबल कार चलाने की भी योजना है।

इंदौर से मृदुभाषी के लिए चंकी बाजपेई की रिपोर्ट