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एमवाय में लापरवाही, पिता करते रहे बेटे के शव के पोस्टमार्टम का इंतजार

पोस्टमार्टम के लिए पिता दोपहर तक इंतजार करते रहे।

इंदौर। किसी के लिए भी उसके परिजन का असमय काल के गाल में समा जाना काफी दुखदायी होता है, लेकिन तकलीफ उस वक्त और ज्यादा बढ़ जाती है जब सरकारी लेटलतीफी के लिए अपनों की देह के मिलने का इंतजार लंबा हो जाता है। ऐसा ही एक वाकिया इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल का है, जहां एक पिता अपने बेटे, बहू और पोते के पोस्टमार्टम के लिए परेशान हो रहे हैं, ताकी शव उनको जल्द मिल जाए।

एक परिवार के तीन शवों का होना है पोस्टमार्टम

प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल एमवाय की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है जहाँ पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। उज्जैन में कुछ समय पहले पदस्थ टीआई अशोक शुक्ल जो कि अब रिटायर्ड हो चुके है जिनका बेटा भी आरक्षक के पद पर उज्जैन के माधवगंज थाने में पदस्थ था। वह कल अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक महीने की छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर आ रहा था। तभी उनकी कार को आष्टा के पास एक ट्राले ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे आरक्षक की पत्नी व बच्चें की मौके पर ही मौत हो गई और आरक्षक को आष्टा से इन्दौर एमवाय हॉस्पिटल रैफर कर दिया गया, जहां देर रात उनकी भी मौत हो गई।

पिता को है बेटे के शव का इंतजार

लेकिन रिटायर्ड टीआई अशोक शुक्ला अपने बेटे का पोस्टमार्टम करवाने के लिए सुबह से डॉक्टरों का इंतजार कर रहे हैं, मगर कोई डॉक्टर पोस्टमार्टम करने के लिए नहीं आ पाया। वहीं रिटायर्ड टीआई अशोक शुक्ल का कहना है कि मुझे अपने घर तीन शवों को लेकर जाना है मगर तीन बजे तक उनके बेटे का पोस्मार्टम नही हुआ था। जब रिटायर्ड टीआई के साथ एमवाय हॉस्पिटल की मर्चुरी में देरी हो सकती है तो आम जनता को कितनी परेशानी होती होगी