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एमपी के सिनेमा उद्योग को लगा 20 लाख करोड़ का झटका, टॉकीज खोलने की अनुमति देने की मांग

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इंदौर। इंदौर में पहले लॉकडाउन से लेकर अब तक 16 माह से सिनेमाघरों पर ताले लटके हुए हैं। ऐसी स्थिति में सिनेमाघर हमेशा के लिए बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। पूरे प्रदेश में सिनेमाघर उद्योग को करीब 20 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि बीच में कुछ दिनों के लिए सिनेमाघर खोलने की अनुमति दी गई थी। इसमें भी कोई नई फिल्म रिलीज नहीं हो पाई थी, जिस कारण पुराने फिल्म ही लगाने पड़ी, जिसके कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा।

पूरे प्रदेश में 250 सिनेमा घर है, जिसमें मल्टीप्लैक्स भी शामिल है। इस सिनेमा उद्योग से करीब दो लाख परिवार जुड़े हुए हैं। सिनेमाघर बंद होने से करीब 16 माह से कर्मचारी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। यदि इंदौर की बात की जाए तो यहां पांच सिनेमा सिंगल स्क्रीन और 22 मल्टीप्लेक्स हैं, जो कोरोना काल से बंद है। प्रदेश में 20 लाख करोड़ का नुकसान हुआ ह। वहीं लगभग दो लाख परिवार भी प्रभावित हुए हैं। इधर, सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के सुधार एवं आधुनिकरण के लिए ए-ग्रेड सेंटर्स पर स्थित सिनेमाघरों को 50 लाख और सी-ग्रेड सेंटर्स पर स्थित सिनेमाघरों को 10 लाख रियायती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाए, जिसे जीएसटी में समायोजित किया जाए और 50 लाख तक की जीएसटी से छूट प्रदान की जाए।

सीसीसीए ग्रह मंत्री से की मुलाकात

सीसीसीए के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री से भेंट की और फिल्म उद्योग की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। सीसीसीए संचालक ओपी गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से भेंटकर कोविड 19 महामारी के दौरान बंद पड़े सिनेमाघरों की समस्याओं से अवगत कराया और कहा कि जब मॉल एवं बाजार इत्यिादि खोल दिए गए, तो सिनेमाघरों को भी खोलने की अनुमति तत्काल प्रदान की जाए।

गुजरात में 1 वर्ष तक फिक्स चार्ज से छूट प्रदान की

हाल ही में गुजरात सरकार ने प्रदेश में 2021-22 के लिए सिनेमाघरों को संपत्ति कर और बिजली बिलों में 1 वर्ष तक फिक्स चार्ज से छूट प्रदान की है। उन्होंने बताया कि फिल्म उद्योग को राहत प्रदान करने का निवेदन किया। ओपी गोयल के साथ सीसीसीए के डायरेक्टर संत कुमार ला, अमित कासलीवाल, अशोक राव, भरत बिंदल, सुनील चौधरी प्रतिनिधिमंडल में मौजूद थे।

ये हैं मांगें

-गुजरात सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी सिनेमाघरों को बिजली बिल में फिक्स चार्ज से छूट प्रदान की जाए।

  • सिनेमाघरों से मीटर रीडिंग के अनुसार बिजली बिल की वसूली की जाए और पेनल्टी व लेट फीस से छूट प्रदान की जाए।
  • सिनेमाघरों को कम से कम दो वर्ष अथवा गुजरात सरकार की तर्ज पर 2021-22 के लिए संपत्ति कर से छूट प्रदान की जाए।