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Monsoon 2021: प्रदेश के इन 15 जिलों को अभी भी है बादलों के बरसने का इंतजार

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भोपाल। मध्यप्रदेश में भले ही इस बार मानसून मेहरबान है और समय से पहले आ गया है और प्रदेश में सामान्य से उन 49 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है। भोपाल में तो अब तक जून के कोटे से दोगुनी बारिश हो चुकी है। बावजूद इसके अब भी प्रदेश के 15 जिले सूखे पड़े हैं। यहां इस मौसम की अब तक सामान्य बारिश भी नहीं हो पाई है, लोग उमस और गर्मी से बेहाल हैं।

प्रदेश के 15 जिले ऐसे हैं, जहां पर सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है मानसून के तय समय से पहले आमद देने के बाद भी ग्वालियर खूब तप रहा है। ग्वालियर में तापमान 41 डिग्री के पार बना हुआ है।

एक हफ्ते तक बारिश के आसार कम

भोपाल सहित प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश के बाद अब मौसम विभाग का कहना है मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ गया है। इसलिए आने वाले एक हफ्ते तक भोपाल के साथ ही प्रदेश भर के कई जिलों में बारिश के आसार कम हैं। मानसून ट्रफ लाइन के ब्रेक होने की स्थिति बनी हुई है। ट्रफ लाइन का पश्चिमी हिस्सा ब्रेक हो गया है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र भी नहीं बन रहा है। फिलहाल बंगाल की खाड़ी में कोई बड़ा सिस्टम बनने की उम्मीद कम है। ऐसे में मानसून की रफ्तार धीमी हो सकती है।

24 घंटे में बारिश के आंकड़े

खजुराहो 31.6 मिमी,
इंदौर 25.6 मिमी
जबलपुर 2.4 मिमी
मलाजखंड 1 मिमी
भोपाल 9.6 मिमी
धार 3.6 मिमी
रतलाम 2 मिमी
गुना 0.8 मिमी
भोपाल सिटी0.6 मिमी
सिवनी 17.4 मिमी
नरसिंहपुर 7.0 मिमी

15 जिलों में सामान्य से कम बारिश

मध्यप्रदेश में इस महीने अगर बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 से 28 जून तक सामान्य से 49 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में 15 जिले ऐसे हैं, जहां पर अब भी सामान्य तो दूर सामान्य से भी कम बारिश हुई है। इनमें दमोह 14 फीसदी, पन्ना 36, आगरमालवा 3 फीसदी, आलीराजपुर 35, बड़वानी 27, भिंड 27, बुरहानपुर 13, दतिया 2, धार 20, ग्वालियर 40, इंदौर 8, खण्डवा 2 , खरगोन 23, मुरैना 6 और श्योपुर में सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम हुई है।