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Mohammad Maryada Purushottam: भगवान राम पर फिर विवादित बयान, शिक्षा मंत्री ने पैगंबर मोहम्मद को बताया मर्यादा पुरुषोत्तम

Mohammad Maryada Purushottam: भगवान राम पर फिर विवादित बयान

Mohammad Maryada Purushottam: रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री एवं राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने भगवान राम पर विवादित बयान दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में जन्माष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में प्रो. चंद्रशेखर ने पैगंबर मोहम्मद को मर्यादा पुरुषोत्तम बताया। शिक्षा मंत्री के बयान से बिहार की राजनीति गरमा गई है। बता दें भगवान श्रीराम के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम शब्द का इस्तेमाल होता है।

Mohammad Maryada Purushottam: शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने कार्यक्रम में बेईमान और ईमानदार मुस्लिम में फर्क की बात कही। इस दौरान पैगंबर मोहम्मद साहब की तुलना मर्यादा पुरुषोतम से कर दी। मंत्री ने कहा कि जब शैतानियत दुनिया में बढ़ गई, ईमान की जगह बेईमान और शैतान ज्यादा हुए तो मध्य एशिया में ईश्वर ने ईमान लाने के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम मोहम्मद साहब को जन्म दिया। प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि ईमान वालों के लिए इस्लाम आया हँ। बेईमानी और शैतानी के खिलाफ इस्लाम आया। अगर, बेईमान भी जब खुद को मुसलमान कहते हैं तो इसकी मंजूरी खुदा नहीं देता है।

रामचरितमानस पर विवादित बयान दे चुके हैं मंत्री
Mohammad Maryada Purushottam: इससे पहले शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने कहा था कि रामचरितमानस और मनु स्मृति समाज में नफरत फैलाने वाले ग्रंथ हैं। दलितों-पिछड़ों समाज और महिलाओं को रामचरित मानस हक दिलाने से रोकता है। उन्होंने कहा था कि मनु स्मृति ने समाज में पहले नफरत का बीज बोया था। उसके बाद रामचरितमानस ने नफरत फैलाई।
उन्होंने कहा था कि समाज में गुरु गोलवलकर के विचार से नफरत फैलाई जा रही है। इस कारण बाबा साहेब अंबेडकर ने मनु स्मृति को जलाया था। कहा था कि रामचरितमानस में कई ऐसे छंद और चौपाई हैं, जो समाज में नफरत पैदा करने का काम करते हैं।

बीजेपी ने बयान को तुष्टिकरण करारा
Mohammad Maryada Purushottam: शिक्षा मंत्री के बयान पर बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि उनका बयान तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि उनका बयान समाज को बांटने वाला है। यह राष्ट्रीय जनता दल की संस्कृति रही है कि कैसे समाज को धर्म की राजनीति कर बांटा जाए. यह पूरी तरह से वोटबैंक के लिए तुष्टीकरण की राजनीति है

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