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घर में सो रहे व्यक्ति को बदमाशों ने पत्थर से मारा

अपराधी

बरुड. बीते दिनों बरुड क्षेत्र में घर मे सो रहे व्यक्ति को आधी रात में घुस कर छः बदमाशों ने पत्थर से मार कर मौत के घाट उतार दिया। बता दें कि बरुड क्षेत्र में रहने वाले देवीसिंग नामक व्यक्ति के यहां कुछ दिनों पहले छ:बदमाश चोरी की योजना बना कर घुसे ,लेकिन देवीसिंग ने चोरों को अपने मंसूबे में कामयाब नही होने दिया जिससे गुस्साए बदमाशों ने उनपर ताबातोड़ पत्थर से वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया ।

मृतक के पुत्र ने बताया कि उनके पिता अंदर सो रहा थे ,तभी करीबन 01.30  उनकी चिल्लाने की आवाज आई ।जिसके बाद में और मेरा भाई काशीराम घर से बाहर निकले तब पिताजी खटिया से नीचे गिरे हुए थे उन्होने बताया कि मुझपर अज्ञात व्यक्तियो ने पत्थर से हमला किया जिसमे से एक पत्थर बाये तरफ सिने में उन्हें लग गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई । घटना के बाद मृतक के पुत्र ने पुलिस को दी ।

हत्या के मामले की गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा निर्देशित किया गया की मामले की जांच जल्द से जल्द की जाए। जिसके बाद बरुड थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर मामले की जाँच में लगाया गया व पुलिस अधीक्षक जिला खरगोन द्वारा हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने पर 5000/- रुपये नगद इनाम की उद्घोषणा की गई । पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल की बारीकी से जांच करते अंदेशा लगाया गया की, कुछ संदिग्ध लोग जो की उक्त घटना में शामिल है, वो चोरी करने की नियत से आये थे व मृतक देवीसिंग के जाग जाने और पकडे जाने के डर से उस पर पत्थरो से हमला कर के भाग गये । 

जिसमे पत्थर लगने से देवीसिंग की मृत्यु हो गयी। वही मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई की संदेही भाटीया उर्फ मेहताब पिता सुभान भील उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम काकड़ फल्या सिलोटीया, जितेन्द्र उर्फ नाना पिता सुरसिंग भील उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम सिलोटीया, दयाराम पिता रेमसिंग भील उम्र 27 वर्ष ग्राम बलगाव थाना चेनपुर जो की घटना की रात सीलोटिया आए थे और घटना के बाद से ग्राम मे नहीं है।

पुलिस टीम द्वारा उक्त तीनों व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गई, जिसमे पता चला की तीनों व्यक्तियो की बेड़िया मे होने की सूचना प्राप्त हुई। जिस पर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर बेड़िया मे उक्त तीनों व्यक्तियों के घर दबिश दी गई और पकड़ कर थाने लाकर सख्ती से पृथक – पृथक से पुछताछ की गई जिसमे उन्होंने उक्त कृत्य को अपने तीन और साथियों के साथ मिलकर करना स्वीकार किया।