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फतवों की फैक्ट्री चलाने वालों को मंत्रीजी की चेतावनी, देश संविधान से चलता है, शरीयत से नहीं

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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को साफ शब्दों में कहा कि देश संविधान से चलता है, ना कि शरीयत से। उनका आरोप है कि कुछ लोग फतवों की फैक्ट्री चलाते हैं और सब्जी-भाजी की तरह इसे बेचते हैं। नकवी का कहना है कि जो शरीयत का डंडा चलाकर संविधान की मूल भावना पर हमला करने की कोशिश करते हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे और ऐसी मानसिकता देश स्वीकार नहीं करेगा।

अरशद मदनी को किया आगाह

गौरतलब है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने लड़कियों को को-एड स्कूलों में न भेजने की अपील की थी। इस अपील पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वह कौन होते हैं जो किसी की पढ़ाई-लिखाई, रहन-सहन, खान-पान आदि तय करें। नकवी का कहना है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और इस देश में सभी व्यक्ति को संविधान ने अपनी शिक्षा, रहन-सहन इत्यादि चुनने का अधिकार दिया है।

पंजाब कांग्रेस नेताओं पर ली चुटकी

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पंजाब के कांग्रेस के नेताओं और उनके बीच चल रही खींचातान पर चुटकी भी ली। नकवी ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेता खुद नशे में हैं, ऐसे में उन पर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की जाए। गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर नशा मुक्ति के लिए और नशा के कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इससे पहले भी नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह पर विभिन्न आरोप लगाते रहे हैं। इसी खींचतान पर नकवी ने तंज कसा।

मदनी के बयान पर मचा बवाल

जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने बयान दिया है जिसमें कहा है कि लड़कों और लड़कियों की पढ़ाई अलग-अलग होनी चाहिए। उनके मुताबिक अनैतिक आरचण से दूर रहने के लिए सह-शिक्षा को खत्म किया जाना जरूरी है। मदनी ने गैर मुस्लिमों से भी अपील की है कि वे सह शिक्षा से परहेज करें। जमीयत की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संगठन की कार्यसमिति की बैठक में मदनी ने यह टिप्पणी की। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने सोमवार को कहा कि गैर-मुस्लिम लोगों को बेटियों को सह-शिक्षा देने से परहेज करना चाहिए ताकि वो अनैतिकता की चपेट में नहीं आएं।