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इंदौरवासियों पर महंगाई की एक और मार, दूध के दाम में हुआ इजाफा

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इंदौर। इंदौर शहर के लोगों पर 1 अप्रैल से महंगाई की एक और मार पड़ी है। इंदौर शहर में दूध विक्रेताओं के द्वारा 3 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जबकि मध्यप्रदेश दूध विक्रेता द्वारा 2 रुपए की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही इंदौर में दूध के भाव 48 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

दूध व्यवसायी संघ का फैसला

मध्यप्रदेश दूध व्यवसायी संघ के अध्यक्ष ईश्वर जोशी, उपाध्यक्ष रंगलाल पानेरी और महामंत्री दिनेश जोशी ने बताया कि 31 मार्च को दूध व्यवसायों की बैठक तिलक पथ पर रखी गई थी। बैठक में दूध के भाव और खर्च पर गहन विचार विमर्श किया गया । पशुधन , खली,चुरी सहित पशु आहार के भाव में भारी वृद्धि, डीजल और पेट्रोल के भाव अत्यधिक होने से दूध की उत्पादन लागत बढ़ गई है और इस साल पर्याप्त वर्षा न होने से पानी की भी कमी है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दूध के भाव में 2 रुपये प्रति लीटर वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है । दिनांक 1 अप्रैल 2021 से 31 अगस्त 2021 तक दूध बंदी भाव 48 रुपये प्रति लीटर सेवा शुल्क सहित रहेगा।

दूध मंडी बनाने की मांग

संघ ने शासन से मांग की है कि शहर में दूध मंडी कायम की जाये, निम्न दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाये, दूध के नमूने ग्रामीण क्षेत्र में तहसील स्तर पर लिये जाये ताकि ग्रामीण क्षेत्र से दूध मानक स्तर का आएगा तो शहर में भी दूध बेहतर गुणवत्ता का वितरित होगा । वर्तमान में पूरे जिले में मिलावट की संगीन अभियान चल रहा है । ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से निम्न स्तर का दूध आने पर जो व्यापारी इन्दौर में वितरण कर रहा है उसका सेम्पल व्यापारी के नाम से लिया जाता है। जो गुनाह व्यवसायी ने किया ही नहीं उसका दंड भी व्यापारी को भुगतना पड रहा हैं | मध्यप्रदेश दूध व्यवसायी संघ के अध्यक्ष ईश्वर जोशी ने कहा कि दूध या दूध से निर्मित वस्तुओं का सेम्पल लेने पर यदि सेम्पल निम्न स्तर का पाया जाता है तो दूध व्यापारी पर फूड एक्ट के तहत ही कार्यवाही की जायें । वर्तमान में व्यापारी पर क्रिमिनल एक्ट की धारा एवं पुलिस केस किया जा रहा है इसका हम घोर विरोध करते है।

12 लाख लीटर दूध की खपत है इंदौर में

वही इंदौर शहर में प्रतिदिन 12 लाख लीटर दूध की खपत इंदौर शहर में होती है जिसे के चलते खुल्ला और बंदी दूध से इंदौर शहर वासी को उपलब्ध कराया जाता है कोई इंदौर शहर में दो दूध विक्रेता संस्था होने के चलते भाव में जहां एक और 3 की बढ़ोतरी की गई कोई एक संस्था द्वारा मात्र 2 की बढ़ोतरी की गई जिसके चलते आम जनता को इस महंगाई की मार देना पड़ रही है वही ग्वालियर में भी 2 अप्रैल से दूधों की भाव में बढ़ोतरी की गई है।