मायावती की सियासी बिसात, गठबंधन पर कही बड़ी बात

लखनऊ। यूपी चुनाव की सरगर्मियां तेज़ हो गयी है। और हो भी क्यों न यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है। इस बार का सियासी मुकाबला इसलिए भी कड़ा है,क्यों कि सत्तधारी दल यानि बीजेपी 2024 लोकसभा चुनावों को देखते हुए यूपी अपने हाथ से गवाना नहीं चाहती। सभी की नजरें या तो योगी आदित्यनाथ पर है या तो अखिलेश यादव पर है।

पंजाब में गठबंधन की गुंजाइश बरकरार रहेगी

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि पंजाब में गठबंधन की गुंजाइश बरकरार रहेगी। रविवार सुबह मायावती ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। बसपा सुप्रीमो ने उन खबरों का खंडन भी कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि यूपी में बसपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बीच गठबंधन हो सकता है ।

सतीश चंद्र मिश्र बने BSP मीडिया सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर

मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मीडिया में कल से यह खबर प्रसारित की जा रही है कि यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव औवेसी की पार्टी AIMIM और BSP मिलकर लड़ेंगी। यह खबर पूर्णतः गलत, भ्रामक और तथ्यहीन है। साथ ही उन्होंने सतीश चंद्र मिश्र को BSP मीडिया सेल का राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बनाने की जानकारी भी दी है। मायावती ने अपनी पोस्ट में मीडिया से भी अपील की है कि वे बहुजन समाज पार्टी के बारे में खबर लिखने, दिखाने या छापने से पहले सतीश चंद्र मिश्र से सही जानकारी जरूर लें। पार्टी का पक्ष रखना जरूरी है।

मायावती ने गठबंधन की संभावनाओं को नाकारा

उत्तर प्रदेश में 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान BSP और SP अपनी पुरानी लड़ाई छोड़कर एक साथ आए थे, लेकिन चुनाव में मिली हार के बाद मायावती ने इसके लिए समाजवादी पार्टी के कमजोर संगठन को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद ही दोनों का गठबंधन टूट गया था। पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में BSP और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने मिलकर चुनाव लड़ा था। तब से ही ये चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि यूपी में भी AIMIM और BSP एक साथ आ सकते हैं। लेकिन अब मायावती ने ही गठबंधन की संभावनाओं को नकार दिया है।