///

Makar Sankranti 2021: 37 साल बाद इस विशेष संयोग में मनेगी मकर संक्रांति

Makar Sankranti 2021: पंचग्रही योग देश-दुनिया के लिए शुभ फलदायी है।

Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति को सनातन संस्कृति में शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन से सूर्य की तपन धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। इस बार साल 2021 में मकर संक्रांति विशेष योग-संयोग में मनाई जाएगी। इसलिए इस साल मकर संक्रांति के पर्व का विशेष महत्व माना जा रहा है।

पंचग्रही योग में मनेगी मकर संक्रांति

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस बार मकर संक्रांति का पर्व पंचग्रही योग में मनाया जाएगा। ऐसा योग 37 साल बाद आया है। इस योग में स्नान-दान का विशेष महत्व बतलाया जा रहा है। इस दिन पांच ग्रह एक साथ एक ही राशि में प्रवेश करेंगे। बुध, सूर्य, गुरू, शनि और चंद्र का महासंयोग मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष फलदायी माना जा रहा है। 14 जनवरी को बुधादित्य योग, विष योग, गजकेसरी योग और पंच ग्रह युति योग का संगम हो रहा है। जानकारों के अनुसार ग्रहों की यह युति देश-दुनिया के लिए शुभ फलदायी है।

कुंआरी अवस्था में आ रही है मकर संक्रांति

मकर संक्रांति का वाहन इस साल सिंह और उपवाहन अश्व है। इस साल मकर संक्रांति का आगमन पीले वस्त्रों को धारण कर, कुमकुम का लेपन कर, हाथों में चमेली का फूल लेकर, हाथों में गदा लेकर और खीर का सेवन करते हुए कुंआरी अवस्था में हो रहा है। मकर संक्रांति के इस तरह आगमन को शुभ फलदायी और पुण्यदायी माना जाता है।