////

MP Local Body Election: नगरीय निकाय चुनाव के आरक्षण में जबलपुर, इंदौर सामान्य, जानिए बाकी नगर निगम की स्थिति

MP Local Body Election: नगरीय निकाय चुनाव के आरक्षण की प्रकिया शुरू हो गई है। इसके तहत इंदौर नगर निगम सामान्य वर्ग के खाते में गया है। इसके साथ ही इंदौर, रीवा, जबलपुर और सिंगरोली नगर निगम भी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा भोपाल, रतलाम, खंडवा, सतना नगर निगम ओबीसी के लिए आरक्षित की गई है। भोपाल और खंडवा महिला ओबीसी के लिये, जबकि मुरैना और उज्जैन नगर निगम महापौर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। छिन्दवाडा नगर निगम महापौर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुआ है, जबकि सागर, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर और कटनी सामान्य वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है।

407 नगरीय निकायों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया हुई शुरू

आज बुधवार को नगरीय निकाय के आरक्षण की प्रक्रिया भोपाल के रविंद्र भवन में सुबह 11 बजे से शुरू हुई। इसके तहत सबसे पहले प्रदेश के नगर निगम के आरक्षण की घोषणा की गई। नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष पद का भी आरक्षण तय किया जाएगा। कुल मिलाकर प्रदेश के 407 नगरीय निकायों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। आरक्षण की इस प्रक्रिया में 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका और 292 नगर परिषद शामिल हैं। वर्तमान में सूबे के 344 निकायों में चुनाव होना है, जिसमें से 307 निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सिर्फ आठ निकायों का कार्यकाल जनवरी 2012 में पूरा होगा, जबकि सभी 16 नगर निगम का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है।

जल्द हो सकते हैं चुनाव

आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के साथ ही अब जल्द ही नगरीय निकाय चुनाव का एलान किया जा सकता है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस चुनाव की तैयारी जोर-शोर से कर रहे हैं, वहीं चुनाव में शिरकत करने के लिए कार्यकर्ता से लेकर कद्दावर नेता तक कमर कस कर बैठे हुए हैं।

: 2011 की जनसंख्या के आधार पर किया गया आरक्षण

नगर निगम में आरक्षण की प्रक्रिया को एक तयशुदा मापदंड से गुजरना होता है। महापौर के लिए अजा, अजजा का आरक्षण जनसंख्या के अनुपात के अनुसार होता है। जबकि ओबीसी के आरक्षण का अनुपात 25 फीसद पर होता है। अजा-अजजा के लिए आरक्षण में बदलाव नहीं हुआ है, जबकि ओबीसी के लिए यह नियम लागू नहीं है। इस बार भी आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है। यानी आरक्षण की प्रक्रिया 2014 के जैसी की गई है।

यदि महिला आरक्षण की बात करें तो पचास फीसद महिला आरक्षण रोटेशन के आधार पर किया जाता है। अर्थात जो निकाय पिछली बार आरक्षित थे वह अब अनारक्षित होंगे। पिछली बार के सामान्य महिला आरक्षित नगर निगम पर इस बार सामान्य पुरूष चुनाव लड़ सकेगा।

16 नगर निगम में महापौर आरक्षण की स्थिति

वर्ग — नगरनिगम
सामान्य — इंदौर, जबलपुर, रीवा, सिंगरौली
सामान्य महिला — ग्वालियर, देवास, बुरहानपुर, सागर, कटनी

ओबीसी महिला — भोपाल, खंडवा
ओबीसी — रतलाम, सतना
एससी — उज्जैन
एससी महिला — मुरैना
एसटी — छिंदवाड़ा

53 नगर पालिका सामान्य वर्ग के लिए

सारंगपुर, सिवनी-मालवा, बेगमगंज, टीकमगढ़, नौगांव, पोरसा, अशोकनगर, डोंगर-परासिया, सीहोरा, कोतमा, पसान, सीधी, बड़नगर, गंजबासौदा, नरसिंहगढ़, सिहोर, पीथमपुर, बड़वाह, नरसिंहपुर, सेंधवा, गाडरवारा, अनूपपुर, आगर, शाजापुर, उमरिया, दमोह और खाचरोद।

सामान्य महिला के लिए आरक्षित

बैतूल, विदिशा, राजगढ़, पिपरिया, गढ़ाकोटा, पन्ना, खरगोन, बालाघाट, नैनपुर, धनपुरी, महिदपुर, शिवपुरी, बैरसिया, मुलताई, देवरी, दतिया, गुना, वारासिवनी, चौरई, सौसर, अमरवाड़ा, करेली, नीमच, अंबाह, मंडीदीप, शुजालपुर।

ओबीसी के लिए आरक्षित

सबलगढ़, धारा, आष्टा, रायसेन, सिरोंज, होशंगाबाद, छतरपुर, शहडोल, पन्ना, राधौगढ़, मंदसौर, जुन्नारदेव, मनावर, मैहर, सनावद, श्योपुर कलां, सिवनी, मंडला, ब्यावरा, रहली, पाढूंर्णा, इटारसी, जावरा और नेपानगर नगर पालिका ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी गई है।