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Kappa variant: नए खतरे की हुई आहट, देश में अब कप्‍पा कोविड वेरिएंट ने दी दस्तक

Kappa variant: जिन लोगों में इस वेरिएंट की पुष्टि हुई है, उनकी ट्रेवल हिस्ट्री तलाशी जा रही है।

नई दिल्ली। लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में कप्‍पा कोविड वेरिएंट के दो केस पाए गए हैं। जब संक्रमण की दूसरी लहर कम होती दिख रही है, राज्य सरकारें चिंतित हैं क्योंकि डेल्टा, अल्फा और कप्पा जैसे वेरिएंट को अधिक घातक माना जाता है। नए वेरिएंट कप्पा से संक्रमित रोगी के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। यह पहला मामला है जब इस वेरिएंट के दस्तक देने की जानकारी मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना का नया वेरिएंट आरएनए वायरस है और वातावरण में म्यूटेंट करता रहता है। इसका विस्तार तेजी से होता है। शासन ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज माइक्रोबायोलाजी विभाग से इस वैरिएंट से संक्रमित रोगी के संपर्क में आए लोगों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

ट्रेवल हिस्ट्री तलाशी जा रही

जिन लोगों में इस वेरिएंट की पुष्टि हुई है, उनकी ट्रेवल हिस्ट्री तलाशी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 107 नमूनों में कोरोना की दूसरी लहर में सामने आए डेल्टा स्वरूप की पुष्टि हुई है। दो सैंपल में वायरस का कप्पा वेरिएंट पाया गया। डॉक्टर्स अब इस बात की आशंका जता रहे हैं कि गोरखपुर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कप्पा ने भी कहर बरपाया था। इसके बाद शासन ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

30 देशों में मिल चुका है कप्पा वेरिएंट

कप्पा वेरिएंट 30 देशों में मिल चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वेरिएंट आॅफ कंसर्न कहा है, यानी इसके बारे में ज्यादा सजग रहने की जरूरत है। कप्पा वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट के म्यूटेशन से ही पैदा हुआ है, जो डेल्टा वैरिएंट के लिए भी जिम्मेदार है। बी.1.617 के 12 से ज्यादा म्यूटेशन हो चुके हैं, जिनमें से दो अहम हैं- ई484क्यू और एल452आर। इसलिए इस वेरिएंट को डबल म्यूटेंट भी कहा जाता है। जैसे-जैसे यह विकसित होता गया बी.1.617 की नई वंशावली तैयार होती गई।

आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारत में पिछले सप्ताह सामने आये कोविड-19 के आधे से अधिक मामले महाराष्ट्र और केरल से हैं। मंत्रालय ने कहा कि महामारी अभी जल्द समाप्त नहीं होने वाली इसलिए आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि देश अभी महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है और हमें आत्मनिरीक्षण करना होगा कि क्या हम इस भ्रामक धारणा को तो नहीं मान बैठे कि कोविड-19 समाप्त हो गया है।

सरकार ने कहा कि पर्यटन स्थलों से आने वाली तस्वीरें और बिना कोविड प्रोटोकॉल के लोगों की भीड़ लगने के दृश्य चिंता की गंभीर वजह हैं और ऐसी लापरवाही से वायरस का खतरा बढ़ेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने रूस और ब्रिटेन समेत कुछ देशों में संक्रमण के मामलों में हाल में हुए इजाफे का जिक्र करते हुए लोगों को आगाह किया।

केरल में जीका वायरस के 14 मामले

केरल में जीका वायरस के 14 मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी में इस बात की पुष्टि की गई है। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री ने भी यह माना है कि पाबंदियां हटने से भी राज्य में कोरोना के मामलों की बढ़ोतरी हुई है। केरल में जीका वायरस संक्रमण के मामले शुक्रवार को 14 हो गए। राष्ट्रीय विषाणु संस्थान ने 13 और मामलों की पुष्टि की। इसके बाद प्रदेश को सतर्क कर दिया गया है। प्रदेश में गुरुवार को 24 साल की गर्भवती महिला में मच्छर जनित इस बीमारी की पुष्टि हुई थी। यह प्रदेश में जीका वायरस का पहला मामला था।