Mradhubhashi
Search
Close this search box.

बस ये पौधा लगाएं और मनचाहा वरदान पाएं, 17 को हरियाली अमावस्या पर कर लें यह काम

बस ये पौधा लगाएं और मनचाहा वरदान पाएं, 17 को हरियाली अमावस्या पर कर लें यह काम

Hariyali Amavasya 2023: सोमवार यानी 17 जुलाई को हरियाली अमावस्या है। यह पुनर्वसु नक्षत्र के शुभ संयोग में मनाई जाएगी। इस दिन श्रावण माह की दूसरी सोमवारी भी है। ऐसी मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन भगवान शिव की आराधना से शुभ फल मिलता है।

पीपल को दूध, जल, तिल, चंदन, फूल, दीपक से पूजा करने के बाद परिक्रमा से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इससे श्रीहरि विष्णु प्रसन्न होते हैं। इस दिन दान-पुण्य, भजन-कीर्तन, मंत्र जाप, वेद पाठ, गुरु सेवा, पौधरोपण करना चाहिए। इसके साथ ही ब्राह्मण, गौ, निर्धन, असहाय को वस्त्र, अन्न, फल, आदि का दान करना बहुत कल्याणकारी और शुभ फलदायी होता है। हरियाली अमावस्या की शुरुआत 16 जुलाई की रात 10:08 बजे से होगी। यह 18 जुलाई की रात 12:01 बजे तक रहेगा।

सावन मास की दूसरी सोमवारी पर हरियाली अमावस्या के साथ सोमवती अमावस्या का भी दुर्लभ संयोग है। इस दिन उमा महेश्वर के साथ भगवान विष्णु, सूर्यदेव, चन्द्रमा, पितृ देव की अपार कृपा बरसती है। श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। पितृ दोष, चंद्र दोष, अनिष्ट ग्रह दोष से भी छुटकारा मिलता है।

हरियाली अमावस्या का त्योहार पर्यावरण से जुड़ा है। यह पर्व प्रकृति के अलग-अलग रूप में पूजा, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प एवं प्रकृति को कुछ देने का होता है, इसीलिए इस दिन घर, मंदिर, नदी के तट, तीर्थस्थल, धर्मशाला आदि स्थानों पर पेड़ लगाने एवं पौधों का दान करने से पुण्य मिलता है। माना जाता है कि जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता, वैसे ही दानकर्ता को शुभ फल मिलता जाता है।

बस ये पौधा लगाएं और मनचाहा वरदान पाएं, 17 को हरियाली अमावस्या पर कर लें यह काम
बस ये पौधा लगाएं और मनचाहा वरदान पाएं, 17 को हरियाली अमावस्या पर कर लें यह काम

सुयोग्य दांपत्य जीवन के लिए शुभकारी

शास्त्रों के मुताबिक हरियाली अमावस्या पर मां पार्वती की पूजा करने से कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है। कुंवारे सुयोग्य एवं सुलक्षणा पत्नी के लिए भगवान शिव को जल अर्पण करके व्रत रखते हैं। शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने भी सावन में व्रत किया था।

किस पौधे के रोपण से क्या फल मिलता है:

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए : तुलसी, आंवला, केला, बेल का पौधा लगाएं।
आरोग्य के लिए : ब्राह्मी, पलाश, अर्जुन, आंवला, सूरजमुखी, तुलसी का पौधा लगाएं।
ऐश्वर्य व सौभाग्य के लिए : अशोक, अर्जुन, नारियल और वट वृक्ष लगाना चाहिए।
संतान प्राप्ति के लिए : पीपल, नीम, बेल, नागकेशर, अश्वगंधा का पौधाा लगाना चाहिए।
मेधा के लिए : शंखपुष्पी, पलाश, ब्राह्मी और तुलसी का पौधरोपण करें।
सुख प्राप्ति : नीम, कदंब, छायादार वृक्ष लगाएं।
आनन्द प्राप्ति : हरसिंगार, रातरानी, मोगरा, गुलाब के पौधे लगाएं।

नवग्रह को प्रसन्न करने के लिए इन पेड़-पौधों की पूजा करें
गुरु ग्रह के लिए : पीपल के पेड़ की पूजा करें
शुक्र ग्रह के लिए गूलर के पेड़ की पूजा-अर्चना कीजिए
शनि ग्रह के लिए शमी के पौधे की पूजा कीजिए
सूर्य ग्रह के लिए सफेद मदार या आक के पौधे की पूजा करें
चंद्र ग्रह के लिए पलाश के पौधों की पूजा किया करें।
बुध ग्रह के लिए अपामार्ग के पौधे की पूजा-अर्चना करें
मंगल ग्रह के लिए खैर या शिशिर के पौधे की पूजा कीजिए
राहु ग्रह के लिए चंदन और दूर्वा के पौधे की आराधना करें

ये भी पढ़ें...
क्रिकेट लाइव स्कोर
स्टॉक मार्केट