/

लूट की वारदात का झाबुआ पुलिस ने किया चंद घंटो में ऐसे खुलासा

jhabua

झाबुआ.जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में अज्ञात बदमाशों द्वारा झाबुआ में जिस तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था उसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ आशुतोष गुप्ता द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को पुलिस गश्त एवं पेट्रोंलिग बढ़ाने के एवं अपना मुखबीर तंत्र ओर अधिक मजबूत करने के लगातार निर्देश दिये जा रहे थे। जगह-जगह पूरे जिले भर में नाकाबंदी करने एवं संदिग्ध वाहनों की चैकिंग करने के निर्देश दिये गये थे।

फरियादी राजेश अपने साथी के साथ मोटर सायकल से बामनिया से रतलाम जा रहा था। जैसे ही वे चापल्दा घाटी के थोड़ा आगे पहूंचे एक सफेद रंग की स्वीफ्ट कार के चालक ने अपनी कार को फरियादी की गाड़ी के आगे अड़ा दिया। स्वीफ्ट कार से दो व्यक्ति उतरे व फरियादी की आंख में मिर्ची डालकर फरियादी व उसके साथी के साथ मारपीट कर फरियादी के गले में टंगे बेग को छिन लिया। उसके बाद वह दोनों अज्ञात बदमाश स्वीफ्ट कार में बैठकर रफूचक्कर हो गये। बेग के अंदर करीब 2,50,000/-रू. व कागजात थे। जिस पर थाना पेटलावद में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।     

अज्ञात बदमाशों द्वारा स्वीफ्ट कार से आकर फरियादी राजेश के साथ लूट की घटना को अंजाम देकर भाग जाने जैसी सनसनीखेज घटना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ आशुतोष गुप्ता द्वारा घटना के खुलासे हेतु तत्काल बड़े स्तर पर सर्च अभियान चलाया गया। सभी थानों की विभिन्न टीमों को इस हेतु लगाया गया। ज्ञात हो कि जिले में पहले से ही अनेक स्थानों पर नाकाबंदी/पुलिस चैकिंग कार्यरत थी। सूचना मिलते ही तत्काल अतिरिक्त नाकाबंदी की गई। कई पुलिस की टीम अज्ञात बदमाशों के पीछे लगी हुई थी।

इतने में विश्वसनीय मुखबीर द्वारा सूचना मिली कि एक सफेद स्वीफ्ट कार घटना स्थल के आसपास से गुजरी थी। पूरे जिले में नाकाबंदी होने के कारण कई दुर नहीं गई होगी। उक्त सूचना पर थाना पेटलावद की पुलिस टीम द्वारा स्वीफ्ट कार के बदमाशों का पीछा कर कार चालक को पुलिस टीम द्वारा पकड़ा एवं एक बदमाश कार से उतरकर भाग गया। पकड़े गये बदमाश का नाम पता पुछने पर उसने अपना नाम लक्ष्मण पिता बाबू भूरिया उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम ढाढनिया मेघनगर का होना बताया एवं भागे हुए व्यक्ति का नाम पता पुछने पर उसका नाम दिनेश पिता कालिया परमार निवासी उदयगढ का होना बताया।

मुखबीर द्वारा बताया गया था कि उक्त दोनों व्यक्ति अवैध शराब के व्यवसाय में भी संलिप्त है। कार की तस्दीक करने पर यह वहीं कार थी जिसका उपयोग कर अज्ञात बदमाशों द्वारा फरियादी राजेश के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी लक्ष्मण से सख्ती से पुछताछ करने पर उसके द्वारा लूट की वारदात को करना कबूल किया। उसने बताया कि फरियादी राजेश, रायपुरिया से जब वह दुकान से पैसे इकट्ठे कर रहा था वहीं से ही फरियादी राजेश के उपर नजर रखकर उनका पिछा उसने व दिनेश ने किया।

उन्होंने लूट की घटना में प्रयुक्त मिर्ची मसाला रायपुरिया की उसी दुकान से ही खरीदा था। रायपुरिया से ही फरियादी राजेश का पिछा करके चापल्दाघाटी पर लूट की वारदात को अंजाम देना बताया। आरोपी का पीआर लेकर पुछताछ की जायेगी जिसमें और घटनाओं के खुलासा होने की संभावना है। इस प्रकार इस सनसनीखेज घटना का खुलासा झाबुआ पुलिस द्वारा महज कुछ घंटो में किया गया।

संपुर्ण घटनाओं का खुलासा करने में एसडीओपी सोनु डावर, उनि नरेश निनामा, उनि लोकेन्द्र चौहान, सउनि अम्बाराम, सउनि चन्द्रपाल, सउनि लाखन भाटी, प्रआर. कृष्णा, आर. रवि डावर, जितेन्द्र, गुलाब, अनिल, लालसिंह, सुनिल का सराहनीय योगदान रहा।

झाबुआ से मृदुभाषी के लिए योगेंद्र नाहर की रिपोर्ट