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शराब के वैध-अवैध कारोबार में होता है अरबों का खेल, दबंगो की सरपरस्ती में चलते है अहाते

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इंदौर। सोमवार को विजय नगर क्षेत्र में शराब को लेकर वर्चस्व की लड़ाई में गोली चल गई थी। गोली शराब ठेकेदार अर्जुन ठाकुर को लगी। इसका कारण बताया जा रहा है कि छोटे ठेकेदारों को डराना था, ताकि वे अपने हिस्सा नहीं मांगे।

मुनाफे का बंटवारा विवाद की जड़

शराब के करोड़ों के खेल में हिस्सेदारी कम हो और मुनाफा का बंटवारा कम हो, यही इस विवाद की मुख्य जड़ है। यही कारण है कि शराब माफियाओं ने एक सिंडिकेट बनाया और बड़े व्यापारी एक हो गए। हालांकि इस सिंडिकेट में छोटे-बड़े 32 ठेकेदारों ने मिलकर 980 करोड़ में शराब दुकानों का ठेका ले लिया। इसमें 70 प्रतिशत बड़ों का और 30% छोटे ठेकेदारों का हिस्सा है। इंदौर के बड़े शराब माफिया पिंटू भाटिया ने इस घाटे को रिकवर करने के लिए रमेश चंद्र राय और मनोज नामदेव को सिंडिकेट में शामिल किया। इनमें पिंटू भाटिया 25%,रमेश चंद्र राय 25%, मनोज नामदेव 11% और अर्जुन ठाकुर 7% का पार्टनर हैं। बाकी अन्य छोटे शराब ठेकेदार हैं, जो दो से तीन प्रतिशत की पार्टनरशिप में जुड़े हुए हैं। छोटे ठेकेदारों को मुनाफा ना देना पड़े, इस कारण से एक बार डराकर सभी बड़े पार्टनर इस पूरे सिंडिकेट पर कब्जा करना चाहते थे। इस गोली कांड के बाद सभी घेरे में आ गए हैं।

दबंगों पर कसेगा शिकंजा

शराब कारोबारी अर्जुन ठाकुर को गोली मारने के मामले में पुलिस गुंडे हेमू ठाकुर, चिंटू ठाकुर और सतीश भाऊ की संपत्तियों को नेस्तनाबूत करेगी। संभवत: एक या दो दिन में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। आरोपियों पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है और इनकी खोज में फरार होने के बाद से ही टीमें रवाना कर दी गई है। पुलिस को लोकेशन भी मिल चुकी है, जल्दी ही इन तीनों गुंडों की गिरफ्तारी भी हो जाएगी।

निगम ने की अवैध संपत्तियों की जांच

नगर निगम ने आरोपियों की अवैध निर्माणों की जांच शुरू कर कई संपत्तियों की जानकारी निकाल ली है। उम्मीद है कि जल्द बदमाशों के अवैध निर्माणों पर बोल्डोजर चलाया जाएगा । निगम ने बाणगंगा सहित अन्य क्षेत्रों में फैले चिंटू और हेमू के अवैध साम्राज्य और सतीश भाऊ के इंदौर के कई क्षेत्रों में बने निर्माणों की कुंडली बना ली है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज के आधार मिलेंगे और सूत्र

पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी जब्त किया है, जिसमें घटना कैद है। इसके आधार पर बाकी लोगों पर कार्रवाई पुलिस करेगी। इस गोलीकांड में सिंडिकेट के दो बड़े नाम चर्चाओं में है, जो पूरे गेम में पर्दे के पीछे के खिलाड़ी है, पुलिस इनकी भूमिका की भी तलाश कर रही है। गृह मंत्री व प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि हमने मामले को गंभीरता से लिया है।

विवाद में हुए हमले के बाद पुलिस कई घंटों बाद भी खाली हाथ है। सोमवार दिनदहाड़े बेखौफ लिस्टेट बदमाश ने पॉश इलाके में दनादन गोलियां चलकर भाग निकले। पुलिस ने अब दर्जनों मामले से लदे बदमाश सतीश भाऊ, हेमू ठाकुर, चिंटू ठाकुर सहित अन्य पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है। आईजी हरिनारायणा चारी ने बदमाशों की तलाश में सोमवार से ही अलग-अलग जगहों पर टीम को रवाना कर दिया है।