नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA के तहत निवारक हिरासत से जुड़े एक मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने 2024 के संभल हिंसा मामले से जुड़े एक व्यक्ति को कथित रूप से अवैध तरीके से हिरासत में रखने के मामले में राज्य सरकार पर ₹10 लाख का हर्जाना लगाया है।
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि निवारक हिरासत को सजा देने के साधन के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार एक साल तक हिरासत जारी रखने के लिए अदालत के सामने संतोषजनक आधार पेश नहीं कर सकी।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि NSA जैसे कानून प्रशासन को निवारक हिरासत की विशेष शक्तियां देते हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल के दौरान संवैधानिक सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है। अदालत ने संबंधित व्यक्ति को मुआवजा दिए जाने का आदेश भी दिया।







