भोपाल। मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू हो रही है। खरीफ 2026 की फसल और विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसान 17 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकेंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए निर्धारित समय में आवेदन पूरा करना जरूरी है।
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों पर पंजीयन निःशुल्क किया जाएगा। सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी यह सुविधा मिलेगी। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और अधिकृत साइबर कैफे पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित है।
पंजीयन के लिए किसानों को भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। आधार का सत्यापन ओटीपी या बायोमेट्रिक माध्यम से किया जा सकेगा। जमीन के रिकॉर्ड और आधार में दर्ज नाम का मिलान भी महत्वपूर्ण होगा। सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए सहकारी संस्थाओं के निर्धारित केंद्रों पर पंजीयन की व्यवस्था है।
किसानों को आवेदन से पहले दस्तावेजों में नाम, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी जाँच लेनी चाहिए। पंजीयन की रसीद सुरक्षित रखना भी जरूरी है, ताकि आगे सत्यापन या जानकारी सुधारने के समय उसका उपयोग किया जा सके।









