भारतीय रुपये के लिए यह सप्ताह काफी अहम रहने वाला है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, कच्चे तेल की कीमत और भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से रुपये की दिशा तय हो सकती है। पिछले सप्ताह रुपया डॉलर के मुकाबले 95.8725 पर बंद हुआ था और साप्ताहिक आधार पर लगभग 0.3 प्रतिशत कमजोर हुआ।
रॉयटर्स के मुताबिक बाजार में रुपये के 95.30 से 96.00 प्रति डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद जताई जा रही है। दूसरी ओर RBI बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त नकदी निकालने की दिशा में कदम उठा रहा है, जिसका असर बॉन्ड यील्ड पर भी दिखाई दे सकता है। अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई थी, जिससे मौद्रिक नीति को लेकर चर्चा और तेज हुई है।






