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यहां की राज्य सरकार देगी Electric Vehicle पर सब्सिडी, जाने क्या है सब्सिडी पाने की शर्तें ?

राजस्थान। कोरोना महमारी के बाद अब लोगों के सामने बढ़ती महगाईं का संकट छा रहा है। खाद्य तेल से लेकर गाड़ियों में डलने वाले पेट्रोल डीज़ल के भाव आसमान छू रहे है। इसी को देखते हुए अब बाजार में दो पहिया वाहनों के साथ ही 4 पहिया वाहनों में भी इलेक्ट्रॉनिक गाड़िया निकाली जा रही है जिससे बाजार में पेट्रोल डीज़ल की मार झेल रहे है लोगो को इनसे राहत मिल सके। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कई देशों में व्यापक स्तर पर नीतियां बनाई जा रही हैं। भारत मे भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया जा रहा है और टाटा जैसी कई बड़ी कंपनियां इस दिशा में कदम बढ़ा चुकी हैं। हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों ने इनकी खरीद पर सब्सिडी देने का एलान किया था। इस दौड़ में अब राजस्थान भी शामिल हो गया है। राजस्थान की गहलोत सरकार ने घोषणा की है कि मार्च 2022 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 20 हजार रुपये तक की छूट मिलेगी।

20 हजार तक सब्सिडी मिल सकती है

राजस्थान सरकार की ओर से जारी इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी के अनुसार ग्राहक इस योजना का लाभ मार्च 2022 तक उठा सकेंगे। इसमें अधिकतम 20 हजार तक की सब्सिडी मिलेगी। सब्सिडी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी क्षमता के अनुसार तय की गई है। यदि ग्राहक दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, जिसकी बैटरी क्षमता दो किलोवाट से पांच किलोवाट होगी तो ग्राहक को पांच हजार से 10 हजार तक की सब्सिडी मिलेगी। हालांकि, राजस्थान में दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र की तुलना में कम है।

यह नीति अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक जारी रहेगी। 

राजस्थान सरकार की ओर से जारी इस नीति के अनुसार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को एसजीएसटी (राज्य की ओर से लगने वाली जीएसटी) का पैसा वापस कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन खरीदने पर ग्राहकों को बैटरी की क्षमता के आधार पर पांच हजार से 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। ग्राहकों को सभी सब्सिडी नगद कैश के रूप में मिलेगी। यह नीति अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक जारी रहेगी। 

तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर भी ग्राहकों को वाहन की बैट्री क्षमता के आधार पर सब्सिडी मिलेगी। यदि इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन की बैट्री की क्षमता 3 किलोवाट से लेकर 5 किलोवाट से अधिक होगी तो ग्राहक को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। बता दें कि महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में इलेक्ट्रिक कारों या बसों के लिए किसी प्रकार की सब्सिडी की व्यवस्था नहीं है। राजस्थान सरकार की ओर से जारी इलेक्ट्रिक वाहन नीति में भी इसका जिक्र नहीं है।