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गैंगस्टर बने दुर्लभ कश्यप का गैंगवार में ऐसे हुआ था खात्मा

उज्जैन ( अमृत बेंडवाल)। अपने कई बार गैंगस्टर के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गैंगस्टर की कहानी बताने जा रहे हैं जो छोटी सी उमर में अपराध की दुनिया का एक ऐसा बेताज बदशाह बन गया जो ऑनलाइन गैंग को चलाता था और कई वारदातों को अंजाम देकर उज्जैन में बड़े गैंगस्टर की लिस्ट में शामिल हो गया।

छोटी उम्र में उतरा अपराध की दुनिया में

हमारे भारतीय समाज में हर बच्चा बड़ा होकर डॉक्टर, इंजीनियर या पुलिस में जाकर बड़ा अधिकारी होने के सपने देखता लेकिन हम जिस युवक की बात कर रहे है उसने बड़ा होकर एक बड़ा गैंगस्टर बनने का सपना देखा और यही सपना उसकी मौत का कारण भी बना।
हम बात कर रहे हैं उज्जैन के मशहूर गैंगस्टर रहे दुर्लभ कश्यप या कहें कोहिनूर की जो छोटी सी उमर में उज्जैन का मशहूर गैंगस्टर बन गया।

दुर्लभ युवकों के बीच काफी फेमस भी था। अपराध की दुनिया में शामिल होने वाले युवक दुर्लभ को एक ऑइकॉन की तरह देखने लगे थे। सोशल मीडिया के जरिए शहर में अपना खौफ फैलाने के लिए की गई पोस्ट्स में भी कश्यप का नाम चर्चा में था। दुर्लभ कश्यप हमेशा अपने माथे पर गोल टीका, आंखों में काजल और गले में ब्लेक कपड़ा डालता था। इस कारण भी वो अपनी लाइफ स्टाइल के कारण चर्चित रहता था।

दुर्लभ कश्यप का फेसबुक पर था स्टेट्स

दो साल पहले दुर्लभ कश्यप ने अपनी फेसबुक वाल पर एक पोस्ट डालकर दहशतगर्दी फैलाने का काम शुरू किया था, उसे बकायदा इसके लिए रेट तक तय कर दिए थे। पुलिस ने अक्टूबर 2018 में उस समय इस नई गैंग के 23 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जो कि कम उम्र के थे। इनमें कुछ नाबालिग भी थे। गुंडागर्दी, मारपीट, लोगों को डराने के मामले में केस दर्ज हुआ था।

नाबालिगों की गैंग कर रखी थी तैयार

दुर्लभ कश्यप का फेसबुक पर स्टेट्स था कि वह कुख्यात बदमाश, हत्यारा और अपराधी है कोई सा भी विवाद हो, कैसा भी विवाद हो, तो उससे संपर्क करें। इसी के साथ इन लोगों की प्रोफाइल पर हथियारों के साथ पोस्ट, धमकाने और दहशत फैलाने वाली पोस्ट भी डाली जाती थी। गैंग के लोगों की फेसबुक आइडी का संचालन करने के लिए भी एक टीम बना रखी थी। जो दहशत फैलने वाली पोस्ट करते थे। इस आइडी से जेल में बंद लोगों की भी फोटो पोस्ट की गई थी।

दुर्लभ कश्यप एक ऐसा लडका था जो नाबालिक अवस्था में ही अपराध की दुनिया में अपने पैर आगे बढ़ा चुका था और वो ना केवल अपराधिक गतिविधियों में सम्मिलित हुआ बल्कि उसमे नए हम उम्र के लड़कों की लाइन तैयार की जो उसके फॉलोवर बन गए, और इस फॉलो करने में उसका मुख्य साधन था सोशल मीडिया फॉलोवर्स को बढ़ाने के लिए वो सबसे ज्यादा फेसबुक पर एक्टिव था। कई बार उसने व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाये और उसी के माध्यम से अपने लड़को को मूवमेंट करवाना कई जगह पर जाना, विवाद में शामिल होना, नशा करना इस प्रकार की उसके लिए आम बाते हो गई थी।

छोटी उम्र में रखा था अपराध की दुनिया में कदम

दुर्लभ कश्यप ने नाबालिग होकर सोशल मीडिया का उपयोग किया व अपराध की दुनिया मे अपने कदम रखे, और इसी क्रम में जब विवाद हुआ तो हमले में दुर्लभ को अपनी जान गंवाना पड़ी जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया हालांकि पूर्व में जेल में ही बंद दुर्लभ कश्यप की हत्या के मामले में एक मुख्य आरोपी ने आत्महत्या कर ली।