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चाय पीयो और कप खा जाओ, ऐसा अनोखा है ये कैफे, 4 गुजराती युवाओं का है कारनामा

चारों युवक हर महीने 50 हजार रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं।

वडोदरा। यदि आपमें कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो जिंदगी की हर मुश्किल आपके लिए आसान हो जाती है। कुछ ऐसा ही कारनामा वडोदरा के चार युवाओं ने कर दिखाया है। उच्च शिक्षा लेने के बाद उन्होंने कारोबार करने की सोंची और चाय बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया।

चाय बनाकर कमाना नाम और दौलत

कारोबार करने में गुजरातियों के हुनर की दुनिया कायल रही है। छोटे से व्यापार से वो बड़ा नाम और पैसा कमा लेते हैं। कुछ ऐसा ही नाम कमाया है वडोदरा के चार युवाओं ने। उन्होंने एक चाय कैफे शुरू किया। चाय बेचने का कारोबार आमतौर पर काफी छोटा माना जाता है, लेकिन इन युवाओं ने चाय को ग्रहकों को देने के लिए अपने स्टार्टअप को इस तरह से डिजाइन किया है कि इससे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचे और लोगों को भी इनका आइडिया काफी पसंद आया। इस चायशॉप के स्टार्टअप से चारों युवक हर महीने 50 हजार रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। ​कैफे को बड़े ही करीने से सजाया-संवारा गया है। यहां पर आने वाले ग्राहकों के लिए इनडोर गेम्स की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कागज या कांच के कपों के बजाए बिस्किट कप में चाय देने की व्यवस्था की गई है। यानी चाय पीने के बाद कप को खा भी सकते हैं, जिसे ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं।

अनोखा है ये कैफे

वडोदरा में रहने वाले रुकमिल शाह, आर्श देसाई, ऋतिक पाटनी और हेनील शाह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन इंजीनियरिंग में करियर बनाने के बजाय चारों ने दो महीने पहले चाय कैफे के नाम एक रेस्टोरेंट शुरू किया। दूसरे चाय के रेस्टोरेंट में चाय गिलास या कप में दी जाती है, लेकिन इन्होंने इको फ्रेंडली चाय के कप बनाए, जिसको चाय पीने के बाद खाया जा सके। अस अनूठी शॉप के रुकमिल शाह बताते हैं कि बिस्किट कप में चाय परोसने वाला पहला कैफे हमारा कैफे है। यह गुजरात के वडोदरा में है। साउथ के कई शहरों में बिस्किट सामग्री से बने कप में चाय बेचने वाले कैफे हैं।

व्यवसय से जुड़े आर्श देसाई कहते हैं कि हम चारों किसी बिजनेस के बारे में सोच रहे थे। फिर हमने चाय कैफे शुरू करने का निश्चय किया। अभी हम हर महीने दो लाख रुपए की चाय बेचकर 40 से 50 हजार रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं।