यूपी में योगी सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा, 5-6 नए चेहरे होंगे शामिल

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में चुनावों से पहले कैबिनेट विस्तार को लेकर खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की योगी सरकार में आज 6-7 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। योगी सरकार में यह विस्तार दूसरी बार होने जा रहा है। 19 मार्च 2017 को सरकार बनने के बाद 22 अगस्त 2019 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था।

19 मार्च 2017 को सरकार गठन के बाद 22 अगस्त 2019 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उस दौरान मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थे। कोरोना के चलते तीन मंत्रियों का निधन हो चुका है। इसके बाद से ही प्रदेश मंत्रिमंडल में कई जगह खाली हुए हैं।

बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में 6 माह से कम समय शेष है, ऐसे में राजनीतिक समीकरण साधने के लिए भाजपा यह प्रयोग कर रही है। जिन विधायकों का नाम मंत्री पद के लिए आगे चल रहा है, उनमें जितिन प्रसाद, पलटू राम, संजय गौड़, संगीता बिंद, दिनेश खटिक, धर्मवीर प्रजापति और छत्रपाल गंगवार के नाम चल रहे हैं। जितिन प्रसाद कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए है। जितिन प्रसाद कांग्रेस के उन युवा चेहरों में गिने जाते थे जो राहुल गांधी के बेहद करीबी थे। लेकिन कांग्रेस से मोह भंग होने के बाद वे भी सिंधिया की राह पर निकल पड़े थे, और बीजेपी में शामिल हो गये। फिलहाल उनके मंत्री बनाए जाने की चर्चा सबसे अधिक है। जितिन प्रसाद यूपी की राजनीति का एक बड़ा ब्राह्मण चेहरा है।

इसके अलावा बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाले निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद को एमएलसी बनाकर मंत्री पद देने की भी चर्चा है। उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को भी मंत्री बनाया जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्या तौर पर जातीय समीकरण शीर्ष पर हैं। ब्राह्मण, निषाद तथा गुर्जर समाज के साथ गोंड, जाट व पटेल समाज का भी ध्यान रखा जाएगा। बीजेपी किसी भी समुदाय की नाराजगी के साथ आने वाले विधानसभा चुनाव में नहीं उतरना चाहती।

उत्तर प्रदेश सरकार में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मौजूदा मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी कुल 54 मंत्री हैं। इस हिसाब से 6 मंत्री पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर अपने कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि किसी भी मंत्री की छुट्टी नहीं होगी।

विस्तार के माध्यम से भाजपा विधानसभा चुनाव 2022 के नजरिए से राज्य में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को साधेगी। नाराज वर्गों को खुश होने का मौका इस विस्तार के माध्यम से दिया जाएगा। कायस्थ समाज या पिछड़ी जाति से किसी एक नये चेहरे को मंत्री बनने का मौका दिया जा सकता है।