स्कूल प्रबंधन ने कहा, बच्चे परीक्षाएं नहीं देंगे तो फैल हो जाएंगे।
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लॉकडाउन में बच्चों को बुलवाया स्कूल और ली परीक्षा, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

गुना। यह सनक है, मनमानी या फिर लापरवाही। कुछ भी कहे लेकिन जानलेवा है । गुना के एक निजी स्कूल में एक ऐसा ही नजारा सामने आया जब मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करते हुए ना केवल प्रशासन के आदेश को नहीं माना गया बल्कि कर्फ्यू की पाबंदियों को भी दरकिनार कर दिया गया। दरससल, कोरोना महामारी के दौरान लागू कर्फ्यू और सरकार की तमाम गाइडलाइन को ताक पर रखते हुए गुना के एक निजी स्कूल ने 10वीं की परीक्षाएं आयोजित कर दीं। इसकी जानकारी जब जिला प्रशासन को मिली तो मौके पर अधिकारियों की टीम भेजी गई और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।ड

श्री गुरुकुल स्कूल का मामला

मामला शहर की नत्थूखेड़ी कॉलोनी का है। यहां संचालित श्री गुरुकुल स्कूल में परीक्षाएं संचालित होने की जानकारी सबसे पहले स्थानीय रहवासियों को मिली। इसके बाद जिला प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। स्कूल में परीक्षाओं के आयोजन की खबर मिलते ही नायब तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो प्रबंधन हक्का-बक्का रह गया। अधिकारियों ने जब छानबीन की तो पता चला कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को यह कहते हुए बुलाया कि अगर वह परीक्षाएं नहीं देंगे तो फैल हो जाएंगे।

प्रशासन ने किया मामला दर्ज

स्कूल में 30 से 40 बच्चे परीक्षाएं देते मिले। प्रशासन की जब स्कूल के अंदर पहुंची तो स्टाफ ने बच्चों की सहमति से परीक्षाएं आयोजित की बात कही। हैरानी की बात यह है कि परीक्षाओं के लिए कोरोना कर्फ्यू में भी बकायदा एडमिट कार्ड और आंसर सीट जारी की गई। धारा 144 और कोरोना कफ्र्यू का उल्लंघन देखते हुए जिला प्रशासन की टीम ने परीक्षाएं तुरंत रद्द करवाईं और प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया।