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अनाथ महिला की अपना बनाकर की परवरिश, मौत पर किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

मृतक महिला लंबे समय से बस स्टेंड पर गुजर-बसर कर रही थी।

ब्यावरा। ब्यावरा में बस ट्रेवल्स संचालकों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। एक अनाथ महिला, जो लंबे समय से बस स्टेंड पर अपना गुजर-बसर कर ही थी और स्थानीय लोग ही उसका सबसे बड़ा सहारा थे, उसकी अकस्मात मौत हो गई। बस ट्रेवल्स संचालक ऐसे समय आगे आए और पूरे धार्मिक रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया।

बस स्टेंड ही था उसका घरौंदा

अपनी जिंदगी के अंतिम सफर पर जा रही इस महिला के लिए ब्यावरा का बस स्टेंड ही घरौंदा था और बस ट्रेवल्स के संचालक और उसके कर्मचारी परिवार के सदस्य। उसकी जिंदगी की जरूरतों को ये सभी मिलकर पूरा करते थे और सम्मान के साथ उसके खाने-पीने और कपड़े उसको उपलब्ध करवाते थे। महिला लंबे समय से यहां पर रह रही थी और स्थानीय लोग उनका ख्याल भी रखते थे।

सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

शुक्रवार को उनकी जीवनयात्रा में अचानक ठहराव आ गया और अपने एकाकी जीवन को छोड़कर वह हमेशा के लिए दुनिया से रुखसत हो गई। बस स्टैंड पर संचालित बस संचालकों ने मिलकर उनका विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार करने का फैसला किया और उनकी शवयात्रा निकालकर उनका श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया। बस संचालकों का कहना है कि महिला ने जिंदगी का बड़ा हिस्सा उनके साथ गुजारा है और वह अपनी सभी जरूरतों के लिए उन लोगों के ऊपर निर्भर थी, इसलिए अंतिम समय में सम्मान के साथ विदाई देना फर्ज भी है और मानवता के लिए एक संदेश भी है