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Coronavirus: पिता के शव के लिए नहीं मिली एंबुलेंस, लाचार बेटा कार की छत पर बांधकर ले गया मृत देह

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Coronavirus: कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप ने हर तरफ तबाही का ऐसा मंजर किया कि इंसानी जीवन से गरीबी-अमीरी और ऊंच-नीच के भेद तक खत्म हो गए हैं। हर वर्ग और तबका इस महामारी की चपेट में आया है। सभी की समस्या एक ही है, बुनियादी इलाज की सुविधाओं का अभाव। ऐसे में कुछ दर्दनाक और दिल दहला देने वाले मामले भी सामने आ रहे हैं। आगरा में एक बेटे को अपने पिता के शव को कार की छत पर बांधकर ले जाना पड़ा।

अस्पताल में नहीं मिली ऐेंबुलेंस

कोरोना से संक्रमित होने के बाद आम आदमी बेड, अस्पताल, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दूसरी जरूरी चीजों से जूझ रहा है तो मरने के बाद भी परिजनों की समस्याए कम नहीं हो रही है। कहीं एंबूलेंस का अभाव है तो कहीं श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए लंबी कतारें लगी हुई है। ऐसा ही एक वाकिया उत्तर प्रदेश के आगरा से आया है, जहां पर एक बेटे को अपने मृत पिता की देह को कार की छत पर बांधकर ले जाना पड़ा। बेटे को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली और शव को कंधा देने के लिए रिश्तेदार और पड़ोसी भी नहीं आए।

बेटे ने अकेले किया अंतिम संस्कार

जब अस्पताल ने एंबुलेंस को लेकर हाथ खड़े कर दिए तो बेटे ने दिल पर पत्थर रखकर अपने पिता के शव को कार की छत पर बांधा और श्मशान घाट लेकर गया। बेटे ने घंटों एंबुलेंस से लेकर रिश्तेदारों का इंतजार किया, लेकिन जब वह हर तरफ से निराश हो गया तो उसने खुद अपने पिता की अर्थी तैयार की, उसको कार की छत से बांधा और उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए स्मशान घाट लेकर गया। श्मशान घाट पर बेटे ने पिता के शव को कार की छत से उतारा और अकेले ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को संपन्न किया। जिसने भी इस ह्दय विदारक दृश्य को देखा उसकी आंखें नम हो गई।