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Coronavirus: वृंदावन के इन दो विश्व विख्यात मंदिरों के पट अनिश्चित काल के लिए हुए बंद

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Coronavirus: कोरोना वायरस का गहराता साया हर कहीं अपना असर दिखला रहा है। बाजारों से लेकर देवालयों तक सन्नाटा पसरा हुआ है। सिर्फ अस्पतालों में भारी भीड़ उमड़ी हुई है, जो लाचार है और मदद की गुहार लगा रही है। कोरोना की भयानक त्रासदी का असर देश के प्रसिद्ध आस्था के मंदिरों पर भी दिखाई दे रहा है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वृन्दावन के दो सप्त देवालयों को अनिश्चित काल के लिए श्रद्धालुओं के लिए बन्द कर दिया गया है।

स्वयं प्रकट हुए हैं विगृह

श्रीकृष्ण की भूमि वृंदावन अपने भव्य, ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। देश-विदेश से यहां पर श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप का असर मंदिरों पर भी दिखाई दे रहा है। वृन्दावन के दो प्रसिद्ध वृन्दावन के पट बंद कर दिए गए हैं। वृन्दावन के सप्त देवालय के विगृह स्वयं प्रकट हुए हैं। किसी विगृह को भक्त ने अपने तपोबल और साधना से प्रकट किया है तो कहीं पर श्रीकृष्ण ने स्वयं भक्त को भक्ति का माध्यम दिया। सप्त देवालयों में मशहूर गोकुलानन्द मन्दिर के महन्त श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि इस मन्दिर में भक्तों का प्रवेश बन्द रहेगा लेकिन अन्दर सेवा पूजा हमेशा की तरह चलती रहेगी।

सेवायत हुए संक्रमित

महन्त श्रीवत्स गोस्वामी ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि कुछ सेवायत भी संक्रमित हो गए हैं। महाप्रभु की सेवा जारी रहे इसलिए सेवायत का स्वस्थ रहना जरूरी है। सप्त देवालयों में मशहूर प्राचीन राधारमण मन्दिर के दर्शनों के समय को भी कम कर दिया गया है और मन्दिर अब केवल एक घंटे सुबह और एक घंटे शाम को ही श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। मन्दिर में प्रवेश के लिए कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन आवश्यक होगा।

द्वारकाधीश मन्दिर के पट हुए बंद

उधर बांके बिहारी मन्दिर में कोरोना को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत एडवांस आनलाइन बुकिंग पर ही बाहरी श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है जबकि स्थानीय लोगों को आधार कार्ड पर प्रवेश दिया जा रहा है। दोनो ही स्थितियों में कोरोना के नियमों का पालन आवश्यक किया गया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थिति सभी मन्दिरों को श्रद्धालुओं के लिए 9 मई तक बन्द कर दिया गया है। वहीं विख्यात द्वारकाधीश मन्दिर को 3० अप्रैल तक के लिए श्रद्धालुओं के लिए बन्द कर दिया गया है। इस दौरान इन मन्दिरों की सेवा पूजा चलती रहेगी।