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पीली गैंग की मनमानी पर लगी लगाम, निगमायुक्त ने दिखाई सख्ती और दिए ये निर्देश

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इंदौर। चार मर्तबा नंबर वन और देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर, जिसमें शहर की पीली गाड़ियों और उसमें बैठने वाले आधिकारी-कर्मचारी की बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका है। शहर में स्वच्छता, चालानी कार्रवाई और कचरा उठाने जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली नगर निगम की पीली गाड़ी अचानक शहर में पीली गैंग के नाम से क्यों जाने जाने लगी? क्यों निगम आयुक्त को सख्त रवैया अपनाते हुए अपने हीं कर्मचारियों-अधिकारियों पर हुंकार भरना पड़ी? क्यों कहना पड़ा कि निगम की छवि से साथ समझौता नहीं किया जाएगा? लेकिन निगम आयुक्त की सख्ती से एक बार फिर शहर नंबर बनना केवल स्वच्छता में आएगा, बल्कि स्वच्छ व्यवहार में भी शहर का नाम नंबर वन पर लिया जाए। यही कारण है कि आयुक्त ने अब बेहतर व्यवहार के लिए भी कमर कस ली है।

पीली गैंग के नाम से शहर की गली-मोहल्लों में प्रख्यात निगम की टीम की बदनामी का मुख्य कारण था कि उन्होंने लॉकडाउन के बाद से राहगीरों, दुकानदारों और सड़क किनारे व्यवसाय करने वालो में खौफ पैदा कर दिया। चाहे वह चालानी कार्रवाई हो या मास्क नहीं पहनने पर सख्ती। इस कार्य में कर्मचारियों का व्यवहार शहरवासियों के साथ बेहतर नहीं था। अशोभनीय भाषा का उपयोग, मारपीट, गुंडा गर्दी जैसी शिकायत रोजाना हीं मिलने लगी थी। जिन पीली गाड़ियों पर शहर के बाशिंदों को गर्व होना चाहिए, वो पीली गैंग के नाम से जाने जानी लगी।

रविवार को हुई बैठक में निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने नकेल कसने की तैयारी कर ली है। पिछले लॉकडाउन के बाद से लगभग हर दूसरे दिन अखबारों और सोशल मीडिया पर इंदौर नगर निगम की इस पीली गैंग की चालानी कार्रवाई, मस्टरकर्मी ओर दरोगा की लोगों से बहस, कई वीडियो में तो निगम कर्मचारी महिलाओं और पुलिस से भी अभद्र भाषा में बात करते नजर आए। मस्टरकर्मी और दरोगाओं की टीम को लोगों ने पीली, गैंग वसूली गैंग व अन्य कई नाम दिए।

शहर अनलॉक तो निगम आयुक्त हुई सख्त

शहर पूरी तरह से अनलॉक हुआ तो निगमायुक्त ने इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए मस्टरकर्मी ओर दरोगाओं के साथ-साथ सभी जोन के अधिकारियों को भी सख्त लहजे में आदेश दिया कि अब आगे से इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। निगमायुक्त ने यह भी साफ किया कि निगम ने चालानी कार्रवाई का हक केवल जोन का जेडओ (जोनल अधिकारी), सीएसआई और एआरओ। इनके अलावा किसी को चालान काटने का अधिकार नहीं है। निगमायुक्त ने इशारों-इशारों में यह भी बता दिया की चालानी कार्रवाई के नाम से होने वाली धांधली, अवैध वसूली की जानकारी भी उन्हें है, जो बंद करना होगी, क्योंकि इससे इंदौर नगर निगम की छवि को गहरा नुकसान हो रहा है।

जलभराव जलनिकासी जैसे जरूरी कामो में लगाया

जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए कि दरोगा और मस्टरकर्मियों को वैक्सीनेशन, पौधारोपण व वार्डो में जलभराव की निकासी जैसे कामों में लगाया जाए। निगमायुक्त के तीखे तेवरों से एक बात जो साफ नजर आई वे शहर को बेहद गंभीर है।

कांग्रेस ने आदेश का किया स्वागत

निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने अवैध वसूली करने एवं जनता एवं व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले निगम कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि निगम आयुक्त ने देर से ही सही, लेकिन सही आदेश निकाला। निगम टीम ने आम जनता एवं व्यापारियों को परेशान कर रखा है। बिना वजह चालान के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। जिस निगम टीम को जनता सम्मानित तरीके से सम्मान करती थी ,वह पीली गैंग के नाम से प्रचलित हो गई। कांग्रेस के विनय बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस इस तरह के आदेश का स्वागत करती है।