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महामारी के दौर में स्कूल में हुई प्रवेश परीक्षा ,शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना बुलाए विद्यार्थी

बुरहानपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को ही है। इसलिए राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर 15 जून से प्रवेश शुरू होने के साथ सभी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराने को कहा है । कोरोना गाइड लाइन में फिलहाल किसी स्कूल में प्रवेश परीक्षा या ऐसा किसी तरह का आयोजन नहीं होना है। लेकिन इन सारे नियमों को ताक पर रखकर नेहरू मांटेसरी स्कूल में 4 वर्ष से 13 वर्ष तक के बच्चों को नर्सरी से 9 वीं में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा का आयोजन कर दिया । सोमवार सुबह 8.30 बजे से परीक्षाएं शुरु हो गई थी । चार कमरों में 60 से ज्यादा बच्चें बैठे हुए थे। इसमें ज्यादातर बच्चें छोटी उम्र के थे, जिन्हें नर्सरी, कक्षा 1 और 2 में प्रवेश लेना था । स्कूल प्रबंधन की यह बड़ी लापरवाही बच्चों के लिए खतरा हो सकती है। मामले की शिकायत मिलने पर जिला शिक्षाधिकारी रविंद्र महाजन ने जांच की और स्कूल को प्रवेश परीक्षा आयोजन के संबंध में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है । शिक्षा विभाग ने जारी किए नोटिस में कोरोना गाइड लाइन का उल्लघंन करने की बात कहीं गई है। पत्र में नियमों का उल्लघंन करने पर कक्षा 1 से 8वीं तक की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई और कक्षा 9वीं से 12वीं तक की मान्यता समाप्त करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजने की चेतावनी दी है।

स्कूल की प्राचार्य सिस्टर जॉनसी का कहना है कि स्कूल में खाली सिटों पर प्रवेश के लिए हर साल प्रक्रिया होती है। यह आम प्रक्रिया है, इसलिए प्रशासन को जानकारी नहीं दी। कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह पालन किया गया ।

स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा है

जिला शिक्षाधिकारी रविंद्र महाजन ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करते हुए परीक्षा ली गई। स्कूल में जांच के दौरान नर्सरी से कक्षा 9वीं तक प्रवेश के लिए बच्चें परीक्षा देते मिले हैं। स्कूल को नोटिस देकर जवाब मांगा गया । इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी ।