जिला न्यायालय झाबुआ के द्वारा प्रारंभ किया गया अभियान “मास्क बोझ नहीं बचाव है

झाबुआ। शहर में कोरोना का कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है इसके रोकथाम हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय झाबुआ के द्वारा प्रारंभ किया गया अभियान “मास्क बोझ नहीं बचाव है” के तहत जिला न्यायालय झाबुआ में पदस्थ न्यायाधीशगणों एवं कर्मचारियों के द्वारा बुधवार को माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार के निर्देशानुसार जिला न्यायालय परिसर झाबुआ एवं आस-पास के स्थानों पर बिना मास्क के घूम रहे पक्षकारगण एवं आमजनों को निःशुल्क मास्क एवं सेनेटाईजर का वितरण कर मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस जागरूकता कार्यक्रम में विषेष न्यायाधीश महेन्द्र सिंह तोमर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला न्यायाधीश लीलाधर सोलंकी, अपर जिला न्यायाधीश संजय चौहान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नदीम खांन एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजकुमार चौहान के द्वारा बताया गया कि इस महामारी को हराने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक होना होगा। इस दौरान अनिवार्य रूप से मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करने की जरूरत है। तोमर ने कहा कि मास्क एवं सेनेटाईजर बांटने का उद्देश्य यही हैं कि जिन्हें सर्दी, जुकाम है वो मास्क लगाकर निकले और और बार-बार हाथों को सेनेटाईजर से साफ करते रहें।

अपर जिला न्यायाधीश/सचिव सोलंकी जी ने कहा कि कोरोना वायरस को फेलने से रोकने में जागरूकता का काफी अहम रोल है। ऐसे में हम सभी को चाहिए की स्वच्छता और सतर्कता के साथ बिना घबराऐं इसका मुकाबला करें। कोरोना वायरस के लक्षण होने पर तुरंत हॉस्पिटल जाकर जांच कराऐ। विधिक जागरूकता कार्यक्रम में कोरोना महामारी से बचाव का लेकर सोशल डिस्टेंस पालन करने का नियम सहित कई तरह की जानकारी दी गई। इस विधिक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत जिला न्यायालय परिसर एवं अन्य स्थानों पर लगभग 200 मास्क एवं 40 सेनेटाईजर का निःशुल्क वितरण किया गया।

अर्चित अरविन्द डांगी { मध्यप्रदेश, रतलाम }