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बरसते पानी में डेंगू-चिकनगुनिया से करें ऐसे बचाव और बरतें यह सावधानियां

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इंदौर। कोरोना महामारी के बीच डेंगू और चिकनगुनिया भी सावधान रहना होगा। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने वर्षा ऋतु के दौरान जल जनित बीमारी के साथ-साथ डेंगू और चिकनगुनिया से सतर्क रहने को कहा है। विभाग के मुताबिक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और सिर में तेज दर्द, मसूड़े व नाक से खून बहना और शरीर पर लाल चकत्ते होना डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। तेज बुखार, सिर दर्द, जोड़ों में सामान्य दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते आना आदि चिकनगुनिया के प्रमुख लक्षण हैं।

साफ पानी में होता है डेंगू-चिकनगुनिया का मच्छर

डेंगू-चिकनगुनिया के लक्षण नजर आने पर सरकार अस्पताल में निशुल्क खून की जांच कराएं। जांच में डेंगू या चिकनगुनिया पाए जाने पर डॉक्टर की सलाह पर अपना इलाज करवाएं। डेंगू-चिकनगुनिया का वाहक एंडीज मच्छर रुके हुए साफ पानी में होता है और दिन के समय काटता है। पूरी बाह के कपड़े पहने और पानी को जमा ना होने दें। इससे बचने के लिए घरों के आसपास सफाई रखें सभी कंटेनर जिनमें पानी भरा हो और कूलर के पानी सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाकर उनमें नया पानी भरें आप दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

पानी के बर्तन ढककर रखें

पानी के बर्तन ढक कर रखें। अनुपयोगी सामग्रियों जैसे कूलर, ड्रम टंकी, बाल्टी आदि में पानी जमा ना होने दें। दोबारा उपयोग से पूर्व उन्हें अच्छी तरह सुखाएं। हैंडपंप के आसपास भी पानी इकट्ठा ना होने दें जमा पानी पर मिट्टी का तेल या इंजन का जला हुआ तेल डालें। आसपास सफाई रखें सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें पूरी बाद के कपड़े पहने और पानी में मच्छर नहीं पनपने दें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सावधानी बरतकर दोनो बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।