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अमेरिकी कंपनी ने भारत में 500 अरब डॉलर के निवेश की इच्छा जताई, सोशल मीडिया पर छाई सुर्खियों में

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नई दिल्ली। कोरोना का असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और कई देश इस वक्त मंदी के दौर से गुजर रहे हैं और नामी कंपनियां भी ऐसे बुरे वक्त में निवेश करने से परहेज कर रही है। ऐसे मुश्किल समय में भारत को एक कंपनी ने खुश होने का मौका दिया है और बंपर निवेश की इच्छा जताई है।

भारत के पुनर्निर्माण में सहयोग की इच्छुक

कोरोना से कराह रही अर्थव्यवस्था में एक विदेशी कंपनी ने ऐसी घोषणा की जिससे जानकारों के चेहरे खिल उठे। अमेरिका की इस कंपनी ने भारत में बड़े निवेश का इरादा जताया है। अमेरिकी कंपनी Landomous Group’s ग्रुप ने बयान जारी कर कहा है कि वह भारत की अर्थव्यवस्था में 500 बिलियन डॉलर का इनवेस्टमेंट करना चाहती है। समूह के चेयरमैन प्रदीप कुमार सत्यप्रकाश के मुताबिक कंपनी भारत के पुनर्निर्माण और उसकी जीडीपी को 5 ट्रिलियन लक्ष्य के करीब पहुंचने में सहायता करना चाहती है।’ कंपनी ने पीएम नरेंद्र मोदी से निवेदन किया कि उसे भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए अवसर प्रदान करें। कंपनी के विज्ञापन और वेबसाइट पर दी गई जानकारी के बाद अचानक से ही सोशल मीडिया पर कंपनी की काफी ज्यादा चर्चा होने लगी।

भारत की छवि को मजबूत बनाने का इरादा

कंपनी के मुखिया प्रदीप कुमार सत्यप्रकाश ने कहा कि हमारे पास भारत को महामारी से निकालने की एक ठोस योजना है, अब हमें एक अवसर की जरूरत है। हमारी कंपनी का प्रमुख उद्देश भारत की वैश्विक छवि को और ज्यादा बेहतर और मजबूत बनाना है। इसलिए लैंडोमस रियल्टी वेंचर्स लिमिटेड, नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के जरिए पहले चरण में 500 बिलियन डॉलर का निवेश करना चाहती है।

कंपनी में काम करते हैं सिर्फ 19 कर्मचारी

Zoominfo की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी में सिर्फ 19 कर्मचारी ही काम करते हैं और कंपनी का कुल रेवन्यू केवल 15 मिलियन डॉलर ही है। चेयरमैन सत्यप्रकाश के लावा 5 अन्य लोग कंपनी के निदेशक समूह में हैं। Zoominfo के अनुसार कंपनी भारत में लैंड बैंक बनाने की इच्छुक है। कंपनी की वेबसाइट को 2015 में रजिस्टर्ड किया गया था और जिसका मुख्यालय कर्नाटक के सिवान चेट्टी गार्डन में दिया गया है। वेबसाइट पर कंपनी का पता अमेरिका का सिक्यूकस है।