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चुनाव आयोग के निर्देश के बाद कांग्रेस का शिवराज सरकार पर पलटवार

चुनाव आयोग ने दिए अधिकारियों पर FIR के निर्देश।

भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले देश के अलग अलग हिस्सों में पड़े आयकर छापों के मामले में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए 2 दिन पहले चुनाव आयोग ने मप्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह शक के घेरे में आए सभी लोगों पर एफआईआर दर्ज करे। सीबीडीटी की रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के कई मंत्रियों समेत आईएएस और आईपीएस अफसरों के नाम भी शामिल हैं। चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।

52 ठिकानों पर आयकर विभाग ने मारा था छापा

अप्रैल 2019 में भोपाल, मप्र और दिल्ली के 52 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा था। जिसमे करोड़ों के अवैध ट्रांजेक्शन पाए गए थे। जिस पर कुछ दिन पूर्व ही चुनाव आयोग ने मप्र सरकार को कमलनाथ के कई मंत्रियों समेत आईएएस और आईपीएस अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निदेश दिया है। निर्देश के बाद कांग्रेस अब एक्शन में आती दिखाई दे रही है।

दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने तमाम घोटालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाए थे। दिग्विजय सिंह ने रिपोर्ट में शामिल अधिकारियों के पक्ष में कहा की वे eow यानि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मे पदस्थ रहकर जांच कर रहे थे। और वही अधिकारी e – tendring घोटाले का पर्दाफाश भी करने वाले थे। इसलिए उनपर कार्रवाई हो रही है। ये e – tendring घोटाले के दबाने की साजिश है।

साथ ही दिग्विजय ने शिवराज के करीबी और उनके स्टाफ के अधिकारी नीरज वशिष्ठ पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा की 2013 ed की रेड में नीरज वशिष्ठ का नाम सामने आया था लेकिन उनपर कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि 3 अधिकारियों पर एफआईआर होती हैं तो नीरज वशिष्ठ पर भी एफआईआर होनी चाहिये।