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आखिर क्यों मांगना पड़ा इंदौर के नर्सिंग स्टाफ को सड़कों पर भीख

कोरोनाकाल में सड़कों पर भीख माँगता नजर आया नर्सिंग स्टाफ

इन्दौर। कोरोना महामारी के दौर में मरीजो की सेवा करने वाले विभिन्न विभागों के आस्थाई नर्सिग स्टाफ द्वारा दूसरे दिन भी आपनी 3 सूत्री माँगो को लेकर नर्सिग स्टॉफ ने सड़को पर भीख माँग अनूठा विरोध प्रदर्शन किया है ।

बतादें कि पिछले कुछ माह पहले कोरोना महामारी के दौरान मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा आयुष चिकित्सा, दंत चिकित्सा, पैरामेडिकल, फार्मासिस्ट सहित अन्य कई नर्सिंग स्टॉफ की नियुक्ति हॉस्पिटल टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में नर्सिग स्टाफ का उपयोग किया गया था। प्रदेश में करीबन 7 से 8 हजार अस्थाई नर्सिग अपनी सेवा दे रहे थे। लेकिन एका एक स्थाई नर्सिंग स्टाफ द्वारा अपनी नौकरी व रोजी-रोटी पर ग्रहण दिखाई देने लगा और उनके द्वारा 3 सूत्री मांगों को 2 दिनों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दूसरे दिन भी यह प्रदर्शन देखने को मिला। नर्सिंग स्टाफ द्वारा इंदौर शहर के विभिन्न चौराहों पर दानपात्र लेकर भीख मांगने का एक अनूठा प्रदर्शन किया गया नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि सरकार उन्हें संविदा के तहत भर्ती करें व समान वेतन सहित अन्य सभी सुविधाएं मिले जो अन्य नर्सिंग स्टाफ को दी जाती है ताकि उनकी आजीविका निरंतर चलती रहे इन्हीं सभी मांगों को लेकर दूसरे दिन भी उनके द्वारा काम बंद कर प्रदर्शन किया जा रहा है ।

किसी भी नेता ने नहीं दिया कोई भी आश्वासन

गौरतलब है कि नर्सिंग स्टाफ के इस तरह से अस्थाई हड़ताल पर जाने के कारण प्रदेश सहित इंदौर में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई है। टीकाकरण से लेकर सरकारी हॉस्पिटलों में मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 2 दिनों के प्रदर्शन के दौरान कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या सरकारी तंत्र का नुमाइंदा उनसे मिलने तक नहीं पहुंचा है, ताकि इस प्रदर्शन की समस्या का हल निकाला जा सके।