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प्रशासन और हिन्दुवादी संगठन इसलिए हुए आमने-सामने

उज्जैन. कोविड प्रोटोकॉल को लेकर भले ही शासन ने बड़ी प्रतिमा बनाने और बैठाने पर रोक लगा दी हो लेकिन सत्ताधारी दल से जुड़े संगठन इसके लिए तैयार नहीं हैं। कुछ ऐसा ही गुरूवार रात देखने को मिला जब नीलगंगा क्षेत्र में बड़ी मूर्तियों को जब्त करने गए प्रशासनिक अधिकारियों को संगठन के लोगों ने जमकर हड़काया।

उज्जैन के कवेलू कारखाना क्षेत्रों के मूर्तिकारों ने बड़ी-बड़ी मूर्तियां बना रखी थीं। पंडाल वालों ने मूर्तियों की जमकर बुकिंग की थी। बड़ी मूर्तियां बिकने की जानकारी मिलने पर एसडीएम संजीव साहू जब्ती के लिए पहुंचे थे। बस यह खबर जैसे ही हिंदूवादी संगठनों तक पहुंची उसके लोग एकत्र हो गए और हंगामा कर दिया। और प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाने लगे। मूर्ति लेने पहुंचे पंडाल संचालक भी इसमें शामिल हो गए। शाम 5 बजे से शुरू हुआ हंगामा शाम 6 बजे तक चला।

पहले तो दोनों पक्ष टस से मस होने को तैयार नहीं थे। बाद में एसडीएम ने मूर्तियां दुकानदारों की सुपुर्दगी में दे दी। साहू के मुताबिक हिंदूवादी संगठन के लोग मूर्तियां नहीं बैठाने को लेकर मान गए हैं। इधर बजरंग दल के जिला संयोजक अंकित चौबे ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी पीओपी की मूर्तियां जब्त करने आए थे। इसी बात को लेकर विरोध दर्ज कराया था। चौबे ने कहा कि मूर्तियां पंडाल संचालकों को सौंपने पर सहमति बन गई है। अगर हिंदू त्योहारों को रोका जाएगा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 

मृदुभाषी के लिए उज्जैन से अमृत बैंडवाल की रिपोर्ट