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आदित्य को बना दिया अब्दुल्ला, इस तरह रची धर्मातरण की साजिश और ऐसे दिया अंजाम

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कानपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मूक बधिरों और गरीब लोगों का धर्मांतरण कराने वाले एक गिरोह का सोमवार को पर्दाफाश किया था। अब इस मामले में कई चौंकाने वाले राज उजागर हो रहे हैं। अब तक करीब एक हजार लोगों का धर्मांतरण करवा चुके इस गिरोह के कब्जे से विदेशी फंड से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।

मूक बधिर बच्चों को बनाया निशाना

नोएडा स्थित डेफ सोसाइटी के मूक बधिर विद्यालय में पढ़ने वाले दो छात्रों का उनके परिवारों की जानकारी के बगैर धर्मांतरण करा दिया गया। अब इन पीड़ित परिवारों ने एटीएस से संपर्क किया है। जबरन धर्मांतरित किए गए ये छात्र नोएडा के सेक्टर-117 स्थित डेफ सोसाइटी के छात्र थे। इस मामले में कानपुर के रहने वाले आदित्य गुप्ता के परिवार का कहना है कि उन्होंने आदित्य की गुमशुदगी की सूचना कानपुर नगर के कल्याणपुर थाने में दर्ज कराई गई थी, और बाद में धारा-364 के तहत मुकदमा भी दर्ज करवाया था। उनके मूक बधिर बेटे का धर्म परिवर्तन करा दिया गया है और उसे दक्षिण भारत के किसी राज्य में ले जाया गया है। इसन संबंध में उसके बेटे ने मोबाइल से वीडियो कॉल करके उन्हे इस बात की जानकारी दी है।

दबाव डालकर किया धर्मातरण

कुछ ऐसा ही धर्मातरण का मामला हरियाणा के गुरुग्राम में बाबूपुर दोलताबाद निवासी राजीव यादव के बेटे मन्नू यादव का भी है। जिसका परिवार की जानकारी के बगैर मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण करा दिया गया। मन्नू भी नोएडा डेफ सोसाइटी के स्कूल में पढ़ता था। आदित्य गुप्ता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 23 साल का आदित्य मूक-बधिर होने से साइन लैंग्वेज सीख रहा था, लेकिन आरोपियों ने दबाव डालकर उसका धर्मातरण कर दिया और इस तरह वह आदित्य से अबदुल्ला बन गया।

यूपी एटीएस ने किया खुलासा

यूपी एटीएस के मुताबिक,यह गिरोह मूक बधिर और कमजोर आय वर्ग के लोगों को धन, नौकरी और विवाह का लालच देकर धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार करता था। इस गिरोह को आईएसआई समेत अन्य विदेशी एजेंसियों से फंडिंग की जा रही थी। अब तक करीब एक हजार लोगों का यह गिरोह धर्मांतरण कर चुका है।