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बडवाह उत्कृष्ट स्कुल में अनियमितता पर एक्शन:कलेक्टर ने सेवा निवृत्त प्राचार्य,दो पूर्व प्रभारी प्राचार्य,व्याख्याता एवं पी.टी.आई से राशी वसूली के दिए आदेश,पांच से होगी आठ लाख की रिकवरी

बड़वाह/शासकीय बालक उत्कृष्ट विद्यालय में अनियमितता पर खरगोन कलेक्टर शिवराज वर्मा ने बड़ा एक्शन लिया है।कलेक्टर ने हुई जांच के आधार पर एक सेवानिवृत प्राचार्य,दो पूर्व प्रभारी प्रचार्य,व्याख्याता एवं पीटीआई शिक्षक से करीब 8 लाख रूपये की रिकवरी निकली है।यह रिकवरी 14 हजार से लेकर करीब सवा तीन लाख रुपये तक की है।इस अनियमितता को लेकर उन्हें यह रिकवरी जमा कराना होगी।हालांकि जिन पर रिकवरी निकली है,उनमे अधिकांश का कहना है की यह अनियमितता उनके द्वारा नही की गई है।


उल्लेखनीय है की ज्ञात व्यक्ति के द्वारा 14 बिंदुओ पर गम्भीर अनियमितता के संबंध में कलेक्टर को अज्ञात शिकायत मिली थी।एसडीएम ने इस जांच के लिए तहसीलदार सहित बीआरसी एवं अन्य शिक्षको से जांच कराई थी।करीब एक सप्ताह तक जांच चली,जिसमें जांच दल को अनियमितता सम्बन्धी कई गड़बड़ी मिली थी।इसमें कुछ अनियमितताए तो काफी पुरानी थी।जांच दल द्वारा अपना जाँच प्रतिवेदन एसडीएम फिर एसडीएम ने कलेक्टर को सौंपा था।इसके आधार पर कलेक्टर ने सबंधित पांचो पर रिकवरी निकालते हुए उनसे जवाब माँगा था।सभी ने अपने जवाब भी प्रस्तुत किए थे।

लेकिन कलेक्टर जवाब से संतुष्ट नही हुए।जिसके बाद हाल ही में जारी हुए आदेश के आधार पर सेवानिवृत्त प्राचार्य कैलाश खांडेकर,पूर्व प्रभारी प्राचार्य सुधीर राठौर,पूर्व प्रभारी प्राचार्य सुरेशचंद जोशी,व्याख्याता जयश्री उपाध्याय एवं पीटीआई.कालूराम वर्मा पर कुल 8 लाख 8 हजार 420 रूपये की राशि वसूलने के लिए नोटिस जारी किया है।इन्हें जल्द ही राशि जमा करना होगी।

जांच दल को नही मिले थे दस्तावेज-इस अज्ञात शिकायत में जिम्मेदार नागरिक ने 14 बिंदुओं पर पत्र लिख कर सीधे कलेक्टर को भेजा था।जिसमे उल्लेख था कि स्थाई प्राचार्य नही होने के कारण अनियमितता बढ़ रही है,साथ ही स्कुल में विभिन्न अनियमितताओं के बारे में भी विस्तार से एक-एक बिंदुओं पर दर्शाया गया था।तत्कालीन कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम ने तुरंत ही जाँच टीम गठित कर दी थी।जांच दल ने उत्कृष्ट स्कुल में पहुंच कर लगभग 15 दिनों तक प्रत्येक बिंदुओ पर जाँच करके दस्तावेज इकट्ठे करने का प्रयास किया था,लेकिन कुछ दस्तावेज उपलब्ध नही करवाए गए थे।

यही कारण है कि बिना दस्तावेजो की ही जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी गई थी।शाला विकास निधि केशबुक/लेजर/बैंक पास बुक/व्हाउचर फाइन/स्टाक पंजी,कीड़ा निधि,व्यावसायिक शिक्षा पाठ्क्रम निधि द्वरा व्यय किए गए व्हाउचर उपलब्ध नही थे|इसी तरह अन्य व्यय की गई राशी के बिल नही मिले है।

इनसे होगी वसूली — सेवा निवृत प्राचार्य कैलाश खांडेकर से 2 लाख 44 हजार 631,पूर्व प्रभारी प्राचार्य सुधीर राठौर से 3 लाख 26 हजार 888,पूर्व प्रभारी प्राचार्य सुरेश चंद जोशी 1 लाख 87 हजार 584,पीटीआई कालूराम वर्मा 14 हजार 600,व्याख्याता जयश्री उपाध्याय 34 हजार 717।

यह कहना है की इनका-इस सम्बन्ध में जब सबंधितो से बात की तो उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता नही करने की बात कही।व्याख्याता जयश्री उपाध्याय ने बताया की मैंने किसी भी तरह की अनियमितता नही की।विज्ञान विभाग का न तो मैंने कोई उपकरण मंगाया,न बिल व्हाउचर लगाया।मेरे पास तो ये पावर ही नही है।

तो मैं कैसे अनियमितता कर सकती हूँ।पूर्व प्रभारी प्रचार्य सुधीर राठौर ने कहा की मुझे पद से हटाने पर मैंने सारे दस्तावेज लिपिक को दिये थे।अगर उन्होंने जांच दल को यह दस्तावेज उपलब्ध नही कराए तो इसमें मेरी गलती नही है।सेवानिवृत प्रचार्य कैलाश खांडेकर ने कहा की 4 जून 2020 को चार्ज सुधीर राठौर को चार्ज सौंप दिया था।तीन वर्ष बाद मेरे से दस्तावेज मांगते है तो मैं कहाँ से उपलब्ध कराऊंगा।

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