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कई महफिलें रोशन करने वाला कलाकार मुफलिसी में गुजार रहा है दिन

भात चटर्जी की बदतर हालत की खबर मिलने पर कलेक्टर ने उनकी सुद ली है।

इंदौर। ज़िंदगी चाहे किसी भी मोड़ पर ला कर खड़ा कर दे, चाहे गरीबी और भूख कितना ही सितम कर दे या बुढ़ापा जकड ले, मगर एक कलाकार की ज़िंदादिली, कला और उसका जूनून कोई खत्म नहीं कर सकता। एक कलाकार को गरीबी और बेबसी ने ऐसे जकड़ा की कभी जो महफिलों की शान हुआ करता था वो आज मुफलिसी में 2 जून की रोटी के लिए जद्दोजहत कर रहा है। हम बात कर रहे हैं शहर के पहले आर्केस्ट्रा ‘चटर्जी ग्रुप’ के संस्थापक और एकार्डियन प्लेयर प्रभात चटर्जी की जो कभी अपने संगीत से महफिलों में धूम मचाया करते थे लेकिन आज एक अँधेरे कमरे में अपनी ज़िंदगी के अंतिम पड़ाव काट रहे हैं।

तंग बस्ती में गुजार रहे हैं दिन

इंदौर के बंगाली चौराहे में पास एक तंग बस्ती में चटर्जी ओर्केस्ट्रा के संस्थापक और एकार्डियन प्लेयर प्रभात चटर्जी अपनी ज़िंदगी मुफलिसी में काट रहे हैं। लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। एक वक्त था जब प्रभात चटर्जी की मौजुदगी से महफिले रोशन हो जाया करती थी। संगीत की महफ़िल में बैठे लोग प्रभात का एकार्डियन सुन मत्रमुग्ध हो जाया करते थे। 1975 से लगाकर करीब 3 दशकों तक प्रभात और उनके ओर्केस्ट्रा ने शहर और देशभर की महफिलों
में खूब तालियां बटोरी। प्रभात साहब ने सैंकड़ों मंचीय प्रस्तुतियां दी और अपने आर्केस्ट्रा के कई कलाकारों को ऊंचे दर्जे तक पहुंचाया। लेकिन ज़िंदगी कहाँ और कब अपना पास पलट दे ये कोई नहीं जानता।

बेहतरीन कलाकार, बदतर हालात

प्रभात चटर्जी की जब कोई खैरियत लेने पंहुचा तो उनके लफ्ज़ो ने सालों को दर्द और मजबूरी बयां कर दी, कहने लगे ‘खुद चला अपने पैरों पर उम्र भर, खुद से खुद की बात ही नहीं हुई`. ज़िंदगी और वक्त ने सब कुछ छीन लिया लेकिन प्रभात साहब तो एक कलाकार ठहरे भूख से तड़पती आंते और बदबूदार फटेले कपड़ों से ढके जिस्म से भी उनका अंदाज़ बदला नहीं। अपने शायराना अंदाज़ में उन्होंने कहा की “जहाँ की है मुझको खबर, अपना होश कुछ भी नहीं।’

कलेक्टर ने पहुंचाय़ा वृद्धाश्रम

जब प्रभात चटर्जी की हालत की खबर शहर के कलेक्टर मनीष सिंह को लगी तो कलेक्टर ने तत्काल सामाजिक न्याय विभाग को आदेश दिया की चटर्जी साहब की सहायता की जाए और उनकी देखरेख हो। फिलहाल सामाजिक न्याय के अधिकारी उन्हें अपने साथ वृद्धा आश्रम ले गए हैं जहां उनके शारीरिक चेकअप के बाद उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें रखा जाएगा।